मंदिर प्रशासन समस्या के स्थायी समाधान में जुटा है। मंदिर चौक और गंगा द्वार की तरफ परिसर तक स्थायी तौर पर छांव की व्यवस्था की जाएगी। इसकी औपचारिकता पूरी की जा रही है। जिस चयनित कंपनी की डिजाइन पास होगी, उससे काम कराया जाएगा। इससे पहले भी स्थायी तौर पर परिसर को कवर करने के प्रयास हुए थे, मगर तकनीकी कारणों से इसकी समय सीमा बढ़ाई गई है।
भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई बदलाव की तैयारी है। इसमें गेट नंबर चार पर वीआईपी रूम को सुविधायुक्त किया जाएगा। पेयजल और वॉशरूम की व्यवस्था की जाएगी। मंदिर में जगह-जगह कूलर और पंखे भी लगाए जाएंगे। हाथ धोने की भी व्यवस्था होगी।
नंगे पांव तपते पत्थरों पर उछलते-कूदते-दौड़ते हुए भक्त पहुंच रहे बाबा विश्वनाथ के धाम
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर में तैनात पुलिस, सीआरपीएफ सहित अन्य पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के बैठने वाली जगह को टिनशेड से कवर किया जाएगा। गर्मी से राहत दिलाने के लिए कूलर आदि की व्यवस्था होगी। काशी विश्वनाथ मंदिर के न्यास कार्यालय की व्यवस्था को सर्व सुविधायुक्त किया जाएगा।
मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले भक्तों की सहूलियत के लिए परिसर में जर्मन हैंगर लगाया जाएगा। तीन महीने की इस अस्थायी व्यवस्था के बाद स्थायी व्यवस्था को अमल में लाएंगे। कई और सुविधाओं के विस्तार का निर्णय लिया गया है।
- काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रतिदिन औसतन एक लाख भक्त आते हैं।
- विशेष अवसर पर शिवभक्तों की संख्या दो से छह लाख तक पहुंच जाती है।
- मंदिर चौक पर पूरे दिन 50 हजार से ज्यादा भक्तों की रहती है मौजूदगी।
- भीड़ होने पर भक्तों को एक से दो घंटे तक कतार में करना होता है इंतजार।