श्रद्धालु मां गंगा की गोद में स्नान करने के बाद गंगाजल लेकर जैसे ही धाम की सीढ़ियों से प्रवेश करेंगे, मां भारती की प्रतिमा राष्ट्रप्रेम का भाव जगाएगी। मां भारती को नमन करते हुए महारानी अहिल्याबाई को कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए शिवभक्त मंदिरों की मणिमाला के दर्शन करते हुए बाबा के धाम में प्रवेश करेंगे। भारत माता की प्रतिमा के अलावा सनातन धर्म को पुनर्स्थापित करने वाले आदि शंकराचार्य की प्रतिमा भी धर्म ध्वजा के संवाहकों को प्रेरित करेगी।
भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिकेय की प्रतिमा को भी कॉरिडोर में स्थान दिया गया है। बाबा के धाम में सिटी म्यूजियम, बनारस गैलरी, मुमुक्षु भवन, वैदिक केंद्र, अन्नक्षेत्र सहित आभासी म्यूजियम काशी की धरोहर और संस्कृति के अनुसार ही तैयार किए गए हैं।