250 कुर्सियां आ चुकी हैं। जिन्हें देर रात तक लगाया जा रहा था। प्रोजेक्टर और एलईडी स्क्रीन समेत थिएटर तैयार हो गया है। बनारस गैलरी को सजा दिया गया है। मुमुक्षु भवन में आठ बेड पूरी तरह सुसज्जित करने के साथ साइड टेबल, आलमारी तक लगाई गई है। शनिवार शाम को छह बेड का पूरा सेट और मंगा लिया गया। एक फ्लोर पर 14 बेड लगाए जाने हैं।
मंदिर चौक सुबह ही पूरी तरह सज संवर कर तैयार हो गया था। अनावरण का पत्थर इसके पूर्वी द्वार के पास ही लगाने की तैयारी की जा रही थी। व्यू गैलरी में रेलिंग समेत सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैैं। यहां तक जाने के लिए लिफ्ट की टेस्टिंग चल रही थी।
लोकार्पण के लिए तैयार श्रीकाशी विश्वनाथ धाम को अंतिम रूप देने के लिए 2200 मजदूर उतार दिए गए हैं। सड़क की ओर से परिसर में फिनिशिंग कार्य को देखते हुए अब निर्माण सामग्री गंगा की ओर से लाई जा रही है। डोमरी में सीमेंट-पत्थर डंप कर इन्हें नाव से यहां तक लाया जा रहा है।
मंदिर परिसर से लेकर गंगा तट तक लगाए जाएंगे सभी देववृक्ष
काशी विश्वनाथ धाम में आनंदकानन का लघु स्वरूप साकार होगा। बाबा का आंगन उनके प्रिय रुद्राक्ष, बेलपत्र, मदार, अशोक, पारिजात के वृक्षों से सजेगा। मंदिर परिसर से लेकर गंगा के तट तक देववृक्षों की आभा शिवभक्तों को अद्भुत अहसास कराएगी। दैवी कृपा वाले वृक्षों के साथ ही सुगंधित पुष्पों की क्यारी भी मनमोहक होगी।
भगवान शिव के धाम में आने वाले भक्तों को लघु आनंदकानन की शोभा देखने को मिलेगी। धाम में शिव के प्रिय रुद्राक्ष, पारिजात, अशोक और बेल के वृक्षों के साथ-साथ तरह-तरह के फूल भी लगाए जा रहे हैं। परिसर से लेकर मंदिर चौक और गंगा तट तक ये हरियाली के माहौल का सृजन करेंगे।
पढ़ेंः काशी विश्वनाथ धाम लोकार्पण: आज वाराणसी आएंगे सीएम योगी और जेपी नड्डा, तैयारियों का लेंगे जायजा
काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर शहर में देव दीपावली सरीखा नजारा देखने को मिलेगा। पर्यटन विभाग की ओर से घाटों और शहर के प्रमुख चौराहों को सजाया जा रहा है। राजघाट से रविदास घाट तक नौ लाख दीप जलाए जाएंगे।
पीएम के आगमन पर काशी में उत्सव जैसा माहौल होगा। इसमें देव दीपावली मनाने वाली समितियों के अलावा अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद ली जा रही है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वनाथ धाम को देखने के लिए दूर दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
राजघाट से रविदास घाट तक पूरा इलाका झालरों से सजाया जा रहा है। संत महात्मा और अन्य मेहमानों को ठहराने के लिए विभिन्न होटलों में करीब 200 कमरे रिजर्व कराए गए हैं। करीब 250 नावों को सजवाया जा रहा है। कैंट स्टेशन के अलावा प्रमुख स्थानों पर खोले जाने वाले हेल्प डेस्क सेमेहमानों को आयोजन स्थल के अलावा प्रमुख पर्यटन स्थलों की भी जानकारी दी जाएगी।
पढ़ेंः
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: औरंगजेब के फरमान पर मुगल सेना ने ध्वस्त किया था विशेश्वर का मंदिर, अब तस्वीरों में देखें भव्यता