फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काशी विश्वनाथ धाम-ज्ञानवापी: जमीन हस्तांतरण के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे वाद मित्र, प्रशासन पर उठाए सवाल

Sun, 25 Jul 2021 12:13 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाद मित्र ने सवाल उठाया कि प्रशासन ने किस आधार पर जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड का बता दिया? उन्होंने बताया कि 1942 में हाईकोर्ट में तीन साल तक चले एक मुकदमे में निर्धारित हो चुका है कि मुस्लिम समाज के लोगों का ज्ञानवापी परिसर की किसी जमीन पर कोई अधिकार नहीं है।
 
विज्ञापन
काशी विश्वनाथ मंदिर, ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लार्ड विश्वेशरनाथ (बाबा विश्वनाथ) के वादमित्र विजयशंकर रस्तोगी ने ज्ञानवापी परिसर स्थित एक भूखंड की सुन्नी वक्फ बोर्ड और मंदिर प्रशासन के बीच अदलाबदली को असंवैधानिक करार दिया है। शनिवार को उन्होंने कहा कि जमीन के मालिकाना हक का मामला अभी कोर्ट में लंबित है। ऐसे में उसकी अदला-बदली कैसे हो सकती है।

विज्ञापन


 वाद मित्र इस निर्णय के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासन ने किस आधार पर जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड का बता दिया। उन्होंने बताया कि 1942 में हाईकोर्ट में तीन साल तक चले एक मुकदमे में निर्धारित हो चुका है कि मुस्लिम समाज के लोगों का ज्ञानवापी परिसर की किसी जमीन पर कोई अधिकार नहीं है।

मुस्लिम समाज के लोग सिर्फ ज्ञानवापी मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस 1700 स्क्वॉयर फीट जमीन का मालिक वक्फ बोर्ड को बताया गया, उस पर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी का कभी कब्जा नहीं रहा।  
विज्ञापन


 इधर, श्री काशी विश्वनाथ धाम के लिए इंतेजामिया कमेटी द्वारा दी गई जमीन के बाद सभी ने इस पहल का स्वागत किया। दोनों वर्ग इसे नई उम्मीद व नए रास्ते की तरह देख रहे हैं। वहीं काशी के प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि यह पहल स्वागतयोग्य है और इसका संदेश दूर तक जाएगा। नई पीढ़ियों के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें