बाबा दरबार में मां गंगा की कांस्य प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
काशीपुराधिपति के भव्य धाम के पांव पखार रही मां गंगा भक्तों को दर्शन देने के लिए अब काशी विश्वनाथ धाम में विराजमान होंगी। दुनियाभर के श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगाने के बाद मां गंगा की प्रतिमा के दर्शन कर सकेंगे। जाह्नवी तट से जल लेकर जटाजुट के अभिषेक को चलने वाले भक्त पहले मूर्त स्वरूप में विराजमान मां गंगा का शृंगार करेंगे। इसके बाद महादेव का अभिषेक कर अपने अनुष्ठान को पूर्ण करेंगे।
राजराजेश्वर के दरबार में मां गंगा की कांस्य प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी है। काशी विश्वनाथ दरबार में प्रवेश करने के साथ ही दाहिनी तरफ टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर के पास करीब 22 फीट ऊंची प्रतिमा, पांच फीट ऊंचे मंच पर विराजमान होगी। इसमें गंगा में विचरण करने वाले सबसे विकराल मगरमच्छ पर मां गंगा सवार होंगी।
देश में गंगा की पहली भव्य प्रतिमा बाबा विश्वनाथ धाम में स्थापित होगी। मां गंगा की प्रतिमा की नियमित पूजा भी करवाई जाएगी। 50 हजार वर्गमीटर में बने बाबा के दरबार में आदि शंकराचार्य से लेकर अहिल्याबाई होल्कर तक की प्रतिमा स्थापित की गई है।