अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव सैयद एम यासीन
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खास बात यह है कि मस्जिद के लिए किसी भी तरह का कोई फंड सरकार से नहीं लिया जाता है। इसकी जरूरतें मुसलमानों से मिलने वाले पैसों से ही पूरी की जाती हैं। मस्जिद को लेकर कई विवाद भी अदालतों में चल रहे हैं।
इसी साल आठ अप्रैल को वाराणसी की एक अदालत ने मस्जिद के पुरातात्विक सर्वेक्षण का जो आदेश दिया था, उस पर बाद में हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। इसके अलावा एक मामले में फैसला सुरक्षित है।स्थानीय अदालतों में भी मुकदमा प्राथमिक स्तर पर है। इस तरह के मुकदमे से लोगों को राजनीतिक लाभ भी मिलता है। कुछ लोग इसके माध्यम से शोहरत हासिल करना चाहते हैं। हम सभी मुकदमों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
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काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण से काशी का संत समाज आह्लादित है। संतों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयास से बाबा का धाम नूतन स्वरूप में प्रतिस्थापित हुआ है। द्वादश ज्योर्तिलिंग में प्रमुख आदिविश्वेश्वर के धाम की भव्यता प्राचीनता के साथ सनातनधर्मियों की आस्था का केंद्र होगा।
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काशी के बुद्धिजीवी और संगीतकार भी धाम के नए स्वरूप के दर्शन कर अभिभूत हैं। सनातन धर्म के वैभव में काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण से उत्कर्ष का नया अध्याय लिखा गया है। काशी ही नहीं संपूर्ण सनातन धर्मियों के लिए गौरव का क्षण है। आने वाली पीढ़ियां इसको हमेशा याद रखेंगी।