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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर लोकार्पण: पूर्वांचल में उद्योगों और कारखानों की सुधरेगी सेहत, पर्यटन उद्योगों के लोगों को जगी उम्मीद

Tue, 14 Dec 2021 03:49 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण किए जाने के साथ ही पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों में एक नई उम्मीदें जगी हैं। उनका मानना है कि लोकार्पण के बाद देश भर के पर्यटकों की नजरें काशी पर आकर टिक गईं हैं। दो साल से कोरोना से प्रभावित काशी के पर्यटन उद्योग में भी एक नई जान आएगी।

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काशी ही नहीं बल्कि पूर्वांचल भर के उद्योग और कारखानों की सेहत सुधरेगी। शहर की आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी और जीआई उत्पादों को भी अब और बेहतर प्लेटफार्म मिल गया। काशी के हस्तशिल्प के उत्पाद का सेक्टर भी उड़ान भरेगा। 

शहर की आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी। देश के विभिन्न राज्यों के पर्यटकों की आवाजाही होगी। उद्योग और धंधे तभी आगे बढ़ते हैं जब शहर में कुछ खास हो। लोगों की आवाजाही बढे़, काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण सही मायने में देखा जाए तो बहुत बड़ा काम है। - देव भट्टचार्या, अध्यक्ष, रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन

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धाम के लोकार्पण से बनारस ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के उद्योग और कारोबार में एक नई जान आएगी। वोकल फॉर लोकल, एमएसएमई और जीआई उत्पादों का जिक्र पीएम ने किया तो इसका संकेत साफ है कि काशी में अब रोजगार के नए द्वारा खुलेंगे। - राजेश भाटिया, राष्ट्रीय सचिव, आईआईए

काशी विश्वनाथ धाम देखने के लिए देश के कोने-कोने से पर्यटक आएंगे। बाबा धाम का नया स्वरूप देखने की छटपटाहट बढ़ गई है। विकास, रोजगार और आर्थिक तरक्की के नए द्वार खुले गए हैं। कई पर्यटकों ने बुकिंग के संबंध में पूछताछ करना शुरू कर दी है। - सुधांशु सक्सेना, टूर ऑपरेटर
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काशी में नए स्वरूप में बाबा धाम के दर्शन पूजन और भ्रमण को लेकर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। खिड़किया घाट का भव्य रूप भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, बाकि कॉरिडोर में भ्रमण की लालसा भी पर्यटकों की रहेगी। - राहुल मेहता, अध्यक्ष, टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन
 
पर्यटन के साथ ही हस्तशिल्प उत्पादों की मांग बढ़ेगी। पर्यटक आते हैं तो अपने साथ हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी भी करते हैं, अब जितने पर्यटक आएंगे तो वह कुछ न कुछ काशी से जुडे़ उत्पाद अपने साथ जरूर ले जाएंगे। इससे हस्तशिल्पियों की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। - पद्मश्री रजनीकांत, जीआई विशेषज्ञ
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