करोड़ों शिवभक्तों की आस्था के केंद्र काशी विश्वनाथ धाम से जुड़े ललिता और जलासेन घाट के साथ ही अब मणिकर्णिका घाट की भी सूरत बदलेगी। जलासेन और ललिता घाट पर गंगा व्यू गैलरी और भव्य द्वार का काम शुरू कर दिया गया है। महाश्मशान मणिकर्णिका की छत तक पहुंचने के लिए 100 मीटर के रैंप पर भी सहमति बन गई है।
उधर, काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता को बढ़ाने के लिए शुक्रवार को कंसलटेंट और कार्यदायी संस्था पीएसपी के निदेशकों के साथ मंदिर प्रशासन की अहम बैठक होगी। काशी विश्वनाथ धाम से सटे मणिकर्णिका घाट को संवारने की तैयारी है। बाढ़ के दौरान भी घाट की छत तक पहुंचने के लिए एक 100 मीटर के रैंप के लिए सर्वे शुरू कराया गया है। इसके साथ ही घाट पर शवदाह आदि की व्यवस्था को और दुरुस्त किया जाएगा।
गंगा व्यू गैलरी से स्वर्ण शिखर का नजारा
जलासेन और ललिता घाट की भव्यता के साथ ही मणिकर्णिका के मूल स्वरुप को संरक्षित करते हुए यहां सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इससे अलग काशी विश्वनाथ धाम परिसर में नक्काशीदार इमारतों के बीच दमक रहे स्वर्ण शिखर को गंगा घाट से दर्शन के लिए बनने वाली गंगा व्यू गैलरी की साइट पर काम शुरू कर दिया गया है।
मंदिर परिसर के 12 भवनों को दिया जा रहा अंतिम रूप
काशी विश्वनाथ धाम का भव्य नजारा
- फोटो : अमर उजाला
जलासेन घाट के पंपिंग स्टेशन को अंडरग्राउंड करने के बाद अब वहां गंगा व्यू गैलरी के 12 वर्गमीटर हिस्से के प्लींथ को तैयार किया जा रहा है। उधर, मंदिर परिसर के 12 भवनों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि मणिकर्णिका घाट की छत पर 100 मीटर की रैंप बनाने की योजना है। इससे वहां पहुंचना ज्यादा आसान होगा। घाट के मूल स्वरुप को संरक्षित करते हुए वहां सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।
विशेष क्षेत्र में भी सुविधाएं विकसित करेगा प्राधिकरण
काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र प्राधिकरण में शामिल मंदिर के पास के मोहल्लों में सुविधाएं विकसित करने का काम शुरू किया जाएगा। इसमें गलियों में सीवर की समस्या के समाधान के साथ ही गलियों को संवारा जाएगा। इसके लिए विशिष्ट क्षेत्र प्राधिकरण में सफाई व्यवस्था के साथ ही सुविधाएं विकसित करने की योजना तैयार कर ली गई हैं।