श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के पास चल रहे ध्वस्तीकरण में निकलने वाले पत्थरों को संरक्षित करने की योजना तैयार हो रही है। पत्थरों के पुरातात्विक महत्व को देखते हुए उन्हें संरक्षित रखने के लिए संग्रहालय भी बनाया जाएगा। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने इस बारे में निर्देश दिए हैं पत्थरों को मलवे में न फेंका जाए। पत्थरों को साफ करके पहले जांच लिया जाए कि उन पर नक्काशी तो नहीं है।
सोमवार की देर रात हुई बैठक में डीएम ने मंदिर के सीईओ विशाल सिंह से कहा कि मंदिर के आसपास जो भी भवन टूट रहे हैं, वह कई सौ साल पुराने हैं। उनको गिराने के लिए चल रहे कार्य में निकलने वाले पुराने पत्थरों की पहले सफाई करें।
पहले के पत्थरों पर नक्काशी के अलावा कई ऐसी जानकारी भी होती हैं, जो इतिहास की गवाह होती हैं। अगर यह धरोहर मलबे में चली गई तो बेकार हो जाएगी। जांच कराकर ऐसे पत्थरों को एक जगह रखें। बाद में संग्रहालय बनवाकर उसमें सभी पुरातात्विक पत्थरों को सजा कर रखा जाएगा।