मजदूरों में चंदौली के बबुरी थाना निवासी सिंटू 25 वर्ष और मुगलसराय कोतवाली के जलीलपुर निवासी विनोद 25 वर्ष जैसे ही मालवाहक वाहन से माल उतारने के लिए आगे बढ़े और विशालयकाय शीशा को पकड़ा तभी अन्य साथियों का हाथ छूट गया। इतने में ही शीशा सिंटू के ऊपर ही गिर गया। उसे बचाने के लिए आया विनोद भी जख्मी हो गया।
सिंटू को मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में बचाव कार्य में जुटे पड़ाव के रहने वाले साहिल को हाथ में खरोंच आई है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि मृतक और घायल के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस मामले की पूरी जांच कराई जा रही है।
ये पहली बार नहीं है जब काशी विश्वानाथ कॉरिडोर में हादसा हुआ है। जून माह में भी नीलकंठ स्थित एक मकान की दीवार ढह गई थी। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई थी। वहीं एक जून को ललिता घाट के पास जर्जर दो मंजिला मकान गिर जाने से मलबे में दबकर बंगाल निवासी दो मजदूरों की मौत हो गई थी।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते हादसे एक-दो महीने के अंतराल पर होते रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने राह चलते अप्रशिक्षित मजदूरों को काम पर लगाया और हादसा हुआ।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक और ज्ञानवापी सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने घटना की जांच की। चूक कहां और किससे हुई, कार्य की निगरानी में लगे अधिकारी मौके पर थे या नहीं आदि विभिन्न बिंदुओं पर क्रमवार जांच की जा रही है।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में पिछले सप्ताह निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय अधिकारियों से कहा था कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा व संरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। बावजूद इसके हद दर्जे की लापरवाही बरती गई और यह घटना हुई।
55 हजार स्क्वायर फीट में कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। इसमें कुल 24 भवन बनाए जा रहे हैं। 339 करोड़ के प्रोजेक्ट में सिविल कार्य पूरा हो चुका है। कॉरिडोर को 15 नवंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।