वाराणसी। कोरोना वायरस के कारण बंद मंदिरों के कपाट आठ जून से शर्तों के साथ खोल दिए जाएंगे। काशी पुराधिपति के दरबार में अब सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश मिलेगा। बिना मास्क लगाए किसी को भी मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। भक्तों को केवल झांकी दर्शन ही मिलेंगे। स्पर्श दर्शन की सुविधा किसी को नहीं होगी।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए एक बार में केवल 10 श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर परिसर में दो-दो मीटर पर गोले बनाए जाएंगे, जिसमें श्रद्धालु खड़े होंगे। हैंड और बॉडी सैनिटाइजेशन के बाद ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा। हाथ धोने के लिए जगह साबुन और सैनिटाइजर रखा जाएगा। मंदिर परिसर में हर घंटे पोछा लगेगा। चार-चार घंटे पर परिसर को सैनिटाइज किया जाएगा। कोरोना के कारण काशी विश्वनाथ समेत अन्य मंदिरों को पूर्ण लॉकडाउन से पहले ही (20 मार्च) से दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी।
हर श्रद्धालु का दर्ज होगा डाटा
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु का डाटा रखा जाएगा। मंदिर में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं को नाम, पता, मोबाइल नंबर और स्वास्थ्य की डिटेल भरनी होगी। ताकि यदि कोई श्रद्धालु कोराना संक्रमित मिलता है तो कांटैक्ट ट्रेसिंग की जा सके। वहीं, मंदिर में प्रवेश के दौरान जगह-जगह जांच करने वाले सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह सावधानी बरतें।
शहर के सभी मंदिरों में लागू होंगे यही नियम
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की तरह ही शहर के सभी मंदिरों में भी यही नियम लागू होंगे। मंदिर में प्रवेश से पहले सैनिटाइजेशन और मास्क लगाना अनिवार्य होगा। कालभैरव, संकटमोचन, दुर्गाकुंड सहित सभी मंदिरों के प्रबंधन को शासन के निर्देशों का पालन कराने को कहा गया है।
केवल जल लेकर जा पाएंगे श्रद्धालु
मंडलायुक्त ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की आरती के दौरान टिकट काटने में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा। साथ ही श्रद्धालु बाबा के दरबार में केवल जल लेकर जा सकेंगे। फूल और अन्य सामग्री लेकर मंदिर में कोई भी प्रवेश नहीं करेगा। मंदिर के तीन गेट से ही भक्तों को झांकी दर्शन मिलेंगे।
शुभ मुहूर्त में खुलेंगे मां विध्यवासिनी मंदिर के कपाट
मिर्जापुर में श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने मंगलवार दोपहर सदस्यों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के माध्यम से शासन की गाइड लाइन मिलने के बाद शुभ मुहूर्त देखकर मां विध्यवासिनी मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। आठ जून को जो मंदिर खुल रहे हैं, वहां की व्यवस्था और आवश्यकता को देखने, समझा जाएगा। मंदिर के गर्भगृह में चरण स्पर्श पर प्रतिबंध रहेगा। मंदिर प्रांगण और गलियों में भी सैनिटाइजेशन होगा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाएगा। उधर, जिलाधिकारी सुशील कुमार पटेल ने बताया कि श्री विंध्य पंडा समाज के साथ बैठक के बाद मंदिर के पट खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।
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शासन के निर्देश पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में आठ जून से नियमों के साथ प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर में प्रवेश से पहले भक्तों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। स्वास्थ्य परीक्षण में यदि किसी श्रद्धालु के शरीर का तापमान अधिक होगा तो उसे मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। -दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त