काशी विद्यापीठ में 28 जुलाई को होने वाले दीक्षांत समारोह को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। उधर, दीक्षांत समारोह से पहले सात दिन में 60 हजार से ज्यादा डिग्रियां तैयार करनी होंगी।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय और कॉलेजों के विद्यार्थियों को 60 हजार से ज्यादा डिग्रियां वितरित की जानी हैं। विवि की ओर से स्वर्ण पदक पाने वाले मेधावियों की सूची जारी करने के बाद अब सात दिन में विवि प्रशासन के लिए इतनी बड़ी संख्या में डिग्रियां तैयार करवाना एक बड़ी चुनौती है। काशी विद्यापीठ में 28 जुलाई को होने वाले दीक्षांत समारोह को लेकर विश्वविद्यालय स्तर पर तैयारियां चल रही हैं।
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खास बात यह है कि इस बार समारोह में मंच से विश्वविद्यालय के साथ ही कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी कुलाधिपति के हाथों पदक मिलेगा। 48वें समारोह में वाराणसी समेत पांच जिलों में चलने वाले कॉलेजों में स्नातक, स्नातकोत्तर, शोध सहित 60 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की जाएंगी। परीक्षा विभाग की ओर से डिग्रियां तैयार करवाई जा रही हैं।
यूपी की राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने दीक्षांत समारोह वाले दिन ही सभी विद्यार्थियों को उनकी डिग्रियां डिजिलॉकर में भिजवाने को कहा है। पिछले साल भी जैसे ही समारोह में कुलाधिपति का संबोधन खत्म हुआ, चंद सेकंड में ही 70 हजार से ज्यादा डिग्रियां विद्यार्थियों के खाते में चली गई थीं।
क्या बोले कुलपति
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दीक्षांत समारोह की तैयारियां चल रही हैं। समय से सभी डिग्रियां तैयार करवाने को परीक्षा विभाग को कहा गया है। समारोह वाले दिन ही डिजिलॉकर में सभी विद्यार्थियों को डिग्री दिलाए जाने का कार्य किया जाएगा। -प्रो.एके त्यागी, कुलपति