काशी विद्यापीठ में छात्रों का प्रदर्शन
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कुछ दिन पहले छात्रनेताओं ने प्रशासनिक भवन पर ताला जड़ दिया था और धरने पर बैठ गए थे। हंगामे की सूचना पर पहुंचे कुलपति प्रो. एके त्यागी ने छात्रों को केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में वार्ता के लिए बुलाया। कुलपति ने छात्रों से कहा कि चुनाव के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से बात की है लेकिन अभी वहां से अनुमति नहीं मिली है। इसलिए मैं फिलहाल चुनाव के लिए कोई तिथि निर्धारित करने की स्थिति में नहीं हूं। यह सुनकर छात्रनेता भड़क उठे।
चुनाव की तैयारियों में 10-10 लाख
छात्रनेताओं का कहना था कि उन्होंने चुनाव की तैयारियों में 10-10 लाख रुपये खर्च कर दिए हैं। उनका पैसा कहां से वापस आएगा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. अमिता सिंह ने छात्रों से कहा कि चुनाव में खर्च करने के लिए विश्वविद्यालय ने तो नहीं कहा था। इसके बाद छात्र भड़क उठे और नारेबाजी शुरू कर दी।
कुलपति ने विश्वविद्यालय की गरिमा का हवाला देते हुए छात्रनेताओं से संयम बरतने की अपील की लेकिन वो नहीं माने। पुलिस और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों की उपस्थिति में छात्रनेताओं ने जमकर हंगामा किया। स्थिति तो कई बार गरमागरमी की बन गई। छात्रनेता छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग पर अड़े रहे।