कोरोना संक्रमण के कारण नौ महीने से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बंद शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो गईं। कक्षाओं में छात्र-छात्राएं पहुंचे तो लंबे समय से पसरा सन्नाटा भी टूटा। हालांकि पहले दिन विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम रही।
बुधवार को काशी विद्यापीठ में शिक्षण कार्य की शुरुआत चरणबद्ध ढंग से हुई। सबसे पहले एमबीए की कक्षाओं में पढ़ाई की शुरू हुई। इसके बाद धीरे-धीरे बाकी फैकल्टी के छात्रों को अल्टरनेट डे के हिसाब से बुलाया जाएगा। पिछले कई महीनों से बंद चल रहे मैनेजमेंट संकाय की कक्षाओं के ताले खुल गए। बुधवार को सुबह छात्र-छात्राओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग और आई कार्ड की जांच के बाद विभाग के बाहर भी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सैनिटाइजेशन के बाद ही छात्रों को प्रवेश दिया गया। कक्षा में छात्रों को दो गज की दूरी के हिसाब से ही बैठने का निर्देश दिया गया और मास्क लगाकर प्रवेश मिला। पहला दिन होने के कारण छात्र-छात्राओं की संख्या कम रही। छात्रावास बंद होने के कारण अधिकांश छात्र अभी तक विश्वविद्यालय नहीं पहुंचे हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर विश्वविद्यालय परिसर और विभागों के प्रवेश द्वार पर बिना मास्क के प्रवेश वर्जित होने की सूचना भी चस्पा की गई है। इसके अलावा वहां तैनात सुरक्षाकर्मी भी लोगों को मास्क लगाकर ही अंदर प्रवेश करने की अपील कर रहे हैं। महीनों बाद यूनिवर्सिटी खुलने से छात्र भी बेहद खुश हैं।