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काशी विद्यापीठ: पांच जिलों के 91 कॉलेजों ने नहीं दिया कोर्स और छात्र संख्या का डेटा, लटक सकता है अंक पत्र

Mon, 22 Dec 2025 01:42 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी विद्यापीठ से संबद्ध वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र के 91 महाविद्यालयों की ओर से विद्यार्थियों के कोर्स और छात्र संख्या का डेटा नहीं दिया गया है। ऐसे में छात्रों का अंक पत्र लटक सकता है। 
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में पढ़ने जाते छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध वाराणसी समेत पांच जिलों के 91 कॉलेजों ने छात्रों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय को नहीं दी हैं। ऐसे कॉलेजों की जिलेवार सूची विश्वविद्यालय की ओर से जारी की गई है। 

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संबंधित कॉलेतों के प्राचार्यों और प्रबंधकों को सोमवार की शाम तक हर हाल में जानकारी देने को कहा गया है। ऐसा न करने पर कॉलेजों की संबद्धता समाप्त करने सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित कॉलेज के छात्रों का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद अंक पत्र भी तभी मिलेगा जब कॉलेजों की ओर से डेटा दिया जाएगा। कॉलेजों को अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) के पोर्टल पर डीसीएफ और टीआईएफ का डाटा अपलोड करना होता है। 

काशी विद्यापीठ से संबद्ध वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र के 91 महाविद्यालयों की ओर से सत्र 2024-25 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों, यहां चलने वाले कोर्स, परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के साथ ही सफल विद्यार्थियों की सूची सहित अन्य जानकारियां अपलोड नहीं की गई हैं। 
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काशी विद्यापीठ कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि शासन और विश्वविद्यालय की ओर से कई बार कहने के बाद भी कॉलेजों ने पोर्टल पर अपना डीसीएफ, टीआईएफ डाटा उपलब्ध नहीं कराया है। इस पर शासन स्तर से नाराजगी जताई गई है। 

कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक ने हर हाल में 22 दिसंबर तक डेटा अपलोड करते हुए उसके प्रमाण की प्रति संबद्धता विभाग में भेजने को कहा है। कुलसचिव ने चेतावनी भी दी है कि समय से डेटा अपलोड न करने वाले महाविद्यालयों की मान्यता/संबद्धता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। 

उधर, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा ने कहा कि सोमवार की शाम तक डेटा सभी प्राचार्यों को देने का समय दिया गया है। ऐसे कॉलेजों के विद्यार्थियों का अंक पत्र भी तभी दिया जाएगा, जब वह डेटा पोर्टल पर अपलोड कर देंगे।
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