वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रविवार को नैक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि अध्यापकों और विद्यार्थियों में ऐच्छिक परिवर्तन लाने की आवश्यकता है और यही नैक प्रक्रिया की सोच भी है। इसमें विद्यार्थी केंद्रित शैक्षणिक एवं मूल्यांकन व्यवस्था का सृजन करने पर बल दिया जा रहा है। नवाचार और श्रेष्ठ अभ्यासों को अपने सीमित संसाधनों के द्वारा अपने महाविद्यालय में प्रारंभ करने की जरूरत है।
मुख्य अतिथि डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के प्रो. हेरेल थामस ने ई कंटेंट तैयार करने की बारीकियों के बारे में जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि नैक मूल्यांकन के द्वारा शिक्षा में गुणवत्त्ता को बढ़ावा दिया जा रहा है। कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य ने कहा कि नैक से डरने की जरूरत नहीं है। नई प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुविधाजनक है। स्वागत प्रो. केएस जायसवाल, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नंदिनी सिंह, और संचालन डॉ. रीना चटर्जी ने किया। इस अवसर पर प्रो. केके अग्रवाल, प्रो. ओमप्रकाश सिंह, प्रो. उमारानी त्रिपाठी, प्रो. राजेश पाल, डॉ. बंशीधर पांडेय, डॉ. संतोष कुमार गुप्ता, प्रो. राजेश कुमार मिश्र, डॉ. नलिनीश्याम कामिल, डॉ. विनोद कुमार सिंह मौजूद रह्रे।