वाराणसी। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की मंशा के अनुसार शुक्रवार को पढ़े बनारस, बढ़े बनारस का आयोजन किया गया। इस दौरान महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के सभी संकायों सहित संबद्ध महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। किसी ने प्रेमचंद, किसी ने जयशंकर प्रसाद, किसी ने महादेवी तो किसी ने देवकीनंदन खत्री की किताबें पढ़ीं। शिक्षकों ने दैनिक समाचार पत्रों के अलावा कोर्स की पुस्तकों का भी अध्ययन किया।
शुक्रवार को सुबह 11 से 11:45 बजे तक मैनेजमेंट संस्थान में प्रो. अजित शुक्ला के निर्देशन में मैनेजमेंट के छात्रों ने स्वाध्याय किया। कोर्स की किताबों के साथ ही दैनिक समाचार पत्र पढ़े। वहीं समाज कार्य संकाय में प्रो. संजय के नेतृत्व में छात्रों ने विभिन्न पुस्तकों का 45 मिनट तक अध्ययन किया। पुस्तकालय में भी छात्र-छात्रा अध्ययन करते नजर आए। हरिश्चंद्र महाविद्यालय के प्रांगण में भी छात्र-छात्राओं ने पुस्तकें पढ़ीं। राज्यपाल ने युवाओं में किताब पढ़ने की प्रवृत्ति का विकास करने के लिए एक निर्धारित दिवस पर विषय की किताबों के अलावा मैगजीन, कहानी, समाचार पत्र पढ़ने की पहल की है।
डीएम ने पढ़ा प्रेमचंद का साहित्य
पढ़े बनारस, बढ़े बनारस के तहत जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने प्रेमचंद के साहित्य का अध्ययन किया। शुक्रवार को जिलाधिकारी जिला पुस्तकालय पहुंचे और उन्होंने विद्यार्थियों से तैयारियों के बारे में सवाल-जवाब भी किए। उन्होंने पुस्तकालय का निरीक्षण भी किया। डीएम ने कहा कि शासन से बजट की मांग की जाएगी और पुस्तकालय में पढ़ने वाले बच्चों से बातचीत कर उनके लिए उपयोगी किताबों को खरीदा जाएगा। पुस्तकालय प्रभारी कंचन सिंह परिहार ने बताया कि पुस्तकालय में 40 हजार किताबें उपलब्ध हैं। सुबह 8 से रात्रि 8 बजे तक पूरे सप्ताह यह अध्ययन के लिए खुला रहता है।