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वाराणसी: अब जम्मू और दिल्ली में भी होगा काशी विद्वत परिषद का विस्तार, पदाधिकारियों की हुई नियुक्ति

Fri, 29 Oct 2021 10:27 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय दुर्गाकुंड में हुई बैठक में काशी विद्वत परिषद के विस्तार समेत संस्कृति, संस्कृत और बाबा विश्वनाथ धाम पर चर्चा हुई।  बैठक में तीन प्रस्ताव पारित किए गए। 
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काशी विद्वत परिषद की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्री काशी विद्वत परिषद का विस्तार अब देशभर में किया जाएगा। इसके तहत जम्मू और दिल्ली में इसका विस्तार होगा। इस फैसले के साथ ही यहां पदाधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है। बृहस्पतिवार को हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय दुर्गाकुंड में हुई बैठक में विद्वत परिषद के विस्तार समेत संस्कृति, संस्कृत और बाबा विश्वनाथ धाम पर चर्चा हुई।

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महामहोपाध्याय पद्मश्री प्रो. आचार्य रामयत्न शुक्ल की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीन प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें पूरे देश लगने वाले शिलापट्ट में संस्कृत भाषा में भी उल्लेख होने और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में गेट नंबर चार का नाम ज्ञानवापी विश्वनाथ द्वार रखे जाने और कक्षा एक से इंटर तक संस्कृत को अनिवार्य किया जाना शामिल है।

महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि बैठक में यह तय हुआ कि प्राचीन धरोहरों को संरक्षित तथा संवर्धन का काम सरकार के द्वारा किया जाए। परिषद् ने कमिश्नर दीपक अग्रवाल को सम्मानित किया। सभा को अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती, प्रो. रामचंद्र पांडेय, प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी, पंडित गणेश दत्त शास्त्री, डॉ. शुकदेव त्रिपाठी तथा डॉ. रामाश्रय शुक्ल ने भी संबोधित किया।
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काशी में रहेगा विद्वत परिषद का केंद्रीय कार्यालय

महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि परिषद के विस्तार के साथ ही पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई। इसमें प्रो. विश्वमूर्ति शास्त्री को जम्मू-कश्मीर, प्रो शिव शंकर मिश्रा को दिल्ली का प्रांत अध्यक्ष बनाया गया है। केंद्रीय कार्यालय काशी रहेगा और किसी भी निर्णय के लिए यहां से सहमति आवश्यक होगी।

इस दौरान संगठन मंत्री के रूप में पं. गोविंद शर्मा, पं. सतीश चंद्र मिश्रा और उपाध्यक्ष के रूप में प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय नियुक्त किया गया। डॉ. वरुणेश चंद्र दीक्षित, डॉ. दिव्य चैतन्य ब्रह्मचारी, रमाकांत पांडे को कार्यकारिणी में रखा गया है।
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