वाराणसी। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बनारस के स्वच्छाग्रही प्रधानों ने साबरमती में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्लास्टिक मुक्त काशी का संकल्प लिया। गुजरात यात्रा पर गए 30 सरपंचों और स्वच्छाग्रहियों ने बापू के जयंती पर काशी में जल संचयन और प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया। समूह के लोगों ने साबरमती रिवर फ्रंट पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बापू जयंती पर सभी स्वच्छाग्रहियों और ग्राम प्रधानों से एक संकल्प लेने और उसे पूरा करने का आह्वान किया। सभी स्वच्छग्रही ग्राम प्रधानों ने प्रधानमंत्री के वक्तव्य की सराहना की और उन्हें दूर द्रष्टा बताया।
बनारस के लोग गांधी जयंती पर स्वच्छता दिवस मनाने के लिए गुजरात गए हुए हैं ।समूह में शामिल सुंगुलपुर चोलापुर की ग्राम प्रधान शिव बचन सिंह चौहान ने कहा कि मोहनदास करमचंद गांधी के 150 जयंती वर्ष को प्रधानमंत्री ने अविस्मरणीय बना दिया। चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री ने खुले में शौच मुक्ति का जो सपना चार वर्ष पूर्व देखा था वह बापू की 150 वी जयंती पर पूर्ण हो गया । चोलापुर के ही लौटना कला गांव की प्रधान रीमा सिंह ने बताया कि वह साबरमती आकर बापू के स्वच्छता और सत्याग्रह से प्रभावित हुई है। अब वे वाराणसी पहुंचकर प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने के लिए गांव के लोगों के साथ सत्याग्रह करेंगी। भदवा की ग्राम प्रधान शांति चौबे ने कहा प्रधानमंत्री ने देश में व्यापक जन अभियान चलाकर देश को प्लास्टिक मुक्त किए जाने का जो निश्चय लिया है उसमें वह वाराणसी जाकर सहयोगी बनेंगी। कुकुढ़ा के ग्राम प्रधान खुशहाल तिवारी ने कहा कि वे युवाओं की फौज के साथ जल संचयन के लिए काम करेंगे। सेवापुरी के दिलावरपुर की ग्राम प्रधान सीमा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बापू के कर्म भूमि पर बुलाकर ग्राम प्रधानों को अपने अभियान में सहयोगी माना है जो ग्राम प्रधानों और स्वच्छाग्रहियों के लिए गर्व की बात है। कोइरीपुर के ग्राम प्रधान विनय सिंह ने महात्मा और मोदी के सपने को पूर्ण करने का संकल्प लिया। वाराणसी से पहुंची स्वच्छाग्रही सुनीता, बृजेश, मुकेश, उदल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री के उद्बोधन से ग्राम को उन्नत बनाने का मंत्र पाया । वाराणसी से गुजरात गई टीम का नेतृत्व कर रहे रजनीश पाल ने कहा कि बनारस के सरपंच व स्वच्छाग्रहियों ने काशी को ओडीएफ मुक्त बनाने का बेहतर काम किया है। रजनीश पाल ने बताया कि वाराणसी से गुजरात पहुंची टीम का नेतृत्व गुजरात सरकार के विधायक करसन भाई सोलंकी कर रहे थे। विधायक सोलंकी ने लोगों ने गुजरात के कई गांव का भ्रमण कराया। साबरमती नदी तथा वहां बने रिवर फ्रंट को देखकर वैसा ही काशी में गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया।