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काशी टैक्स कॉन्क्लेव: करदाताओं ने दी सलाह, विदेशों में संपत्ति छिपाने पर लगेगा दंड; नोटिस का समय पर दें जवाब

Mon, 05 Oct 2026 12:03 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी टैक्स कॉन्क्लेव-2026 के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने करदाताओं को विदेशों में संपत्ति छिपाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी सामने आने पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है। विशेषज्ञों ने आयकर विभाग से मिले नोटिस का समय पर जवाब देने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने पर जोर दिया। कार्यक्रम में कर संबंधी नियमों और सावधानियों पर चर्चा हुई।
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काशी टैक्स कॉन्क्लेव में बोलतीं विशेषज्ञ सीए आंचल कपूर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारतीय निवासी करदाताओं को विदेशों में अर्जित आय और रखी गई संपत्तियों की सटीक जानकारी रिटर्न में देनी अनिवार्य है। विदेशी आय पर विदेश में टैक्स चुकाए जाने के बावजूद उसके बारे में बताना जरूरी है, ताकि दंड से बचा जा सके।  ‘डबल टैक्सेशन रिलीफ’ और फॉरेन टैक्स क्रेडिट का कानूनी लाभ मिल सके। यह कहना है विशेषज्ञ अनिल कुमार श्रीवास्तव का।

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वह छावनी स्थित एक होटल में काशी टैक्स कॉन्क्लेव-2026 के दूसरे दिन विशेषज्ञ के ताैर पर जानकारी दे रहे थे। उन्होंने आगाह किया कि आय-संपत्ति छिपाने की दशा में ब्लैक मनी एक्ट, 2015 के तहत कठोर आर्थिक दंड और दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। 

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दिल्ली की कर विशेषज्ञ सीए आंचल कपूर ने कहा कि जांच के दौरान करदाता के मानवीय अधिकारों और संविधान के अनुच्छेद 21 का सम्मान अनिवार्य है। विशेषकर देर रात बयान दर्ज करने की वैधता पर न्यायालयों के स्पष्ट निर्देश हैं। स्टॉक या रिकॉर्ड में मामूली अंतर दिखने पर सिर्फ अनुमान के आधार पर देयता तय नहीं होनी चाहिए। 

इससे पहले आयकर असेसमेंट, पेनल्टी, विदेशी परिसंपत्तियों के प्रकटीकरण, जीएसटी सर्च और कर व्यवसाय में एआई की भूमिका पर देशभर से आए विधि और कर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। 
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कॉन्क्लेव के पहले तकनीकी सत्र में वरिष्ठ कर विशेषज्ञ जगदीश पंजाबी ने कहा कि यदि किसी करदाता की कोई आय भूलवश रिटर्न में दर्ज होने से छूट गई है तो समय रहते विहित प्रक्रिया के अनुसार सुधार कर देय कर का भुगतान कर देना चाहिए। समय पर अनुपालन न होने पर भारी पेनल्टी देनी पड़ती है। धर्मेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि नियमित रिटर्न के ठोस साक्ष्यों के बिना विभाग की ओर से अतिरिक्त कर आरोपित नहीं किया जाना चाहिए।

इनकम टैक्स बार एसोसिएशन वाराणसी के अध्यक्ष संजय कुमार वर्मा, महामंत्री वरुण कुमार सिंह, उपाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव, कॉन्फ्रेंस चेयरमैन असीम जफर, सलाहकार अरविंद शुक्ला तथा को-चेयरमैन ओपी शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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