काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व सदस्य प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय ने कहा कि आज के युवाजन रील और वीडियो के कारण इस तरह के घटना को परंपरा मान कर चल रहे हैं। इससे बचना चाहिए। विश्व वैदिक सनातन न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा श्मशान में अनावश्यक रूप से जाना वर्जित है। विशेष रूप से सनातन धर्म में आस्था रखने वाले, गर्भवती, महिलाओं और बच्चों के लिए। यदि आवश्यक हो तब वहां से लौटने के बाद स्नान और शुद्धिकरण करना आवश्यक बताया गया है।
कुछ वर्षों से काशी की पवित्रता शुचिता और महिमा को धूल धूसरित कर मसाने की होली के नाम पर कुछ मतिमूढ़ लोगों द्वारा युवाओं को इकट्ठा कर नशे में मदमस्त कर हुड़दंग मचाना उचित एवं धर्मसम्मत नहीं है। इसे तत्काल बंद कर देना चाहिए।
सनातन दल रक्षक के प्रमुख अजय शर्मा जी ने कहा कि 12 साल पहले से यह धर्म के नाम पर अधर्म हो रहा है। पवित्र काशीतीर्थ श्मशान भूमि पर शोर शराबा, नशेड़ी हुड़दंगियों का हुड़दंग और डीजे बजाकर शवों की भस्म से मसाने की होली खेलना बंद करें।
इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के कन्हैया सिंह, वैदिक ब्राह्मण सभा से विनय पांडेय(महादेव), केंद्रीय ब्राह्मण महासभा के पंडित कमल तिवारी, राजेश्वर शुक्ला, के के सबरवाल, अनिल मिश्रा, पंकज अग्रवाल, परितोष सिंह,सत्यम पांडेय मौजूद रहे।