फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘काशी के प्रवासी’ में साझा किए अनुभव

Mon, 15 Aug 2016 02:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
विज्ञापन
माहेश्वरी परिषद की ओर से महमूरगंज स्थित माहेश्वरी भवन में चल रहा दो दिवसीय कार्यक्रम ‘काशी के प्रवासी’ रविवार को संपन्न हो गया। इसमें काशी से बाहर, दूसरे राज्यों में बस गए समाज के लोग शामिल हुए और उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्वतंत्रता दिवस की झलक देखने को मिली।
विज्ञापन



‘हम, हमारा समाज एवं संगठन’ विषयक परिचर्चा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मुख्य अतिथि अनिल मानधनी रहे। इसमें अन्य राज्यों से लगभग 40 लोग शामिल हुए। शाम को बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। उधर, शाम को स्वाधीनता की 70वीं वर्षगांठ पर काशी के लाल जगदीश पिल्लई ने रविवार को मां भारती के सम्मान में अपना चौथा कीर्तिमान समर्पित किया। यहां स्वतंत्र भारत के नाम तीन किलो के 70 केक सजाए।


सर्वधर्म सद्भाव के तहत 200 लोगों से 70 हजार मोमबत्तियां जलवाईं। इस मौके पर पाणिनी कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने बीएचयू के प्रो. वी. बालाजी के वायलिन की झंकार में जन गण मन को एकाकार किया। माहेश्वरी परिषद व मोक्ष फाउंडेशन के प्रयास से आयोजित इस कार्यक्रम में विश्व कीर्तिमान अभियान के दौरान संगीत प्रस्तुति में विजयानंद यादव, नीरज शर्मा, तबला पर विभाष महाराज ने संगत की। जगदीश पिल्लई ने कहा कि 70 हजार मोमबत्तियां जलाने का यह कीर्तिमान जल्द ही गिनीज बुक में दर्ज कराने के लिए भेजा जाएगा। कार्यक्रम में संजीव चांडक, आकाश करवा, मनीष काबरा, पवन धूत, श्रीराम माहेश्वरी, गोपाल दम्मानी, अनिल मूंदड़ा, रामस्वरूप भूतड़ा, बसंतीलाल काबरा, अशोक डागा, बृजमोहन राठी, राजेश गट्टानी, गोविंद भरानी, रमेश साबू, अजय जाखोटिया, कृष्णकुमार सोमानी शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें