रामनगर के कोदोपुर की एक जमीन न्यायालय में वाद लंबित होते हुए कब्जा किया जा रहा है। जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि मात्र खतौनी में नाम दर्ज होना भूमि के स्वामित्व का प्रमाण नहीं है फिर भी प्रशासन द्वारा फर्जी तरीके से चढ़ाए गए नाम को आधार बनाकर स्वामित्व के दस्तावेजों की अनदेखी कर रहा है।