तेजस की तर्ज पर चलने वाली इस ट्रेन में सफर करने को लेकर यात्रियों की पूछताछ भी अधिक हो गई है। अब तक 300 से अधिक यात्रियों ने अपनी बुकिंग कराई हैं। आधुनिक सुविधाओं से लैस तृतीय श्रेणी वातानुकूलित यह ट्रेन वाराणसी से चलकर सुल्तानपुर, कानपुर, झांसी, बीना, संतहिरदाराम भोपाल, उज्जैन होते हुए इंदौर जाएगी।
आईआरसीटीसी की वेबसाइट और एप पर टिकट की बुकिंग उपलब्ध है। सप्ताह के मंगलवार और बृहस्पतिवार को वाराणसी इंदौर वाया लखनऊ और प्रत्येक रविवार को वाराणसी इंदौर वाया प्रयागराज के रास्ते महाकाल चलेगी। 16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पड़ाव स्थित जनसभा से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
12 कोच की है महाकाल एक्सप्रेस
वातानुकूलित तृतीय श्रेणी 12 कोच की महाकाल एक्सप्रेस में सीट उपलब्ध है। 9 कोच, 1 पेंट्रीकार और 2 एसएलआर बोगी है। एक कोच में 72 सीट है। इस तरह से देखा जाए तो 648 सीट है। आने वाले दिनों में तृतीय श्रेणी के 6 और कोच बढ़ाए जाएंगे। कुल 18 कोच लगाकर महाकाल को चलाने की योजना है।
आईआरसीटीसी लखनऊ मंडल के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि 20 फरवरी के दिन महाकाल का कामर्शियल रन शुरू हो जाएगा। इस दिन पहले यात्रियों को आकर्षक उपहार भी दिए जाएंगे।