केंद्र द्वारा नोटबंदी के फैसले को अब लगभग 50 दिन होने वाले हैं। नोटबंदी के बाद बैंकों और डाकघरों में पुराने नोटों को जमा कराने की लिए काफी भीड़ रही। काफी बड़े पैमाने पर देश भर में पुराने नोट जमा हुए।
मगर अब स्थिति दूसरी है। बैंकों-डाकघरों में एक हजार और पांच सौ रुपये के पुराने नोटों की वापसी अब तक न होने से अधिकारी परेशान हैं। वाराणसी के बैंकों और डाकघरों में ऐसे करीब पांच सौ करोड़ रुपये से अधिक के नोट पड़े हैं।
जिसे चेस्ट में जमा नहीं किया जा सका है। ग्रामीण इलाकों के बैंकों के अधिकारी रकम की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
नोटबंदी के बाद से अब तक बनारस में करीब 40 अरब से अधिक के नोट बदले और खातों में जमा हुए हैं। इसमें से अधिकांश नोट तो चेस्ट में पहुंच गए हैं लेकिन अभी भी 500 करोड़ से अधिक के नोट बैंकों व डाकघरों की शाखाओं में हैं।
ग्रामीण बैंक सहित ऐसे बैंक और डाकघर जिनके पास अपना चेस्ट नहीं है, वे पुराने नोटों को जमा न होने से परेशान हैं। सूत्रों की माने तो केवल डाकघरों और ग्रामीण बैंकों ही में ऐसे 100-100 करोड़ रुपये के नोट हैं।