पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन
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आभार प्रकट करने का संस्कार बढ़ना जरूरी
पीएम ने कहा कि कल तो एक खबर में देख रहा था कि इटली में 90 वर्ष से ज्यादा आयु की माताजी भी स्वस्थ हुई हैं। आपने देखा होगा, बीते कुछ वर्षों में एक परंपरा शुरू हुई है कि एयरपोर्ट पर जब लोग फौज के जवानों को देखते हैं तो उनके सम्मान में खड़े हो जाते हैं, कुछ लोग तालियां भी बजाते हैं। ये आभार प्रकट करने का तरीका हमारे संस्कारों में आगे भी बढ़ना ही चाहिए। हमारे समाज में ये संस्कार दिनों-दिन प्रबल हो रहा है, कि जो देश की सेवा करते हैं, जो देश के लिए खुद को खपाते हैं, उनका सार्वजनिक सम्मान भी होते रहना चाहिए।
जीवन तो आशा और विश्वास से ही चलता है
समाजसेवी मोहिनी ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दिन-रात कार्य कर रहे मेडिकल स्टॉफ के स्वास्थ्य को लेकर सवाल पूछा। पीएम ने कहा कि आप सोचिए, अस्पतालों में लोग 18-18 घंटे काम कर रहे हैं। कई जगहों पर अस्पतालों में, हेल्थ सेक्टर से जुड़े लोगों को 2-3 घंटे से ज्यादा सोने को नहीं मिल रहा। कितने ही सिविल सोसायटी के लोग हैं जो गरीबों की मदद के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। निराशा फैलाने के लिए हजारों कारण हो सकते हैं लेकिन जीवन तो आशा और विश्वास से ही चलता है। नागरिक के नाते कानून और प्रशासन को जितना ज्यादा सहयोग करेंगे, उतने ही बेहतर नतीजे निकलेंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन
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आपदा को अवसर में बदलना मानव की विशेषता
उद्योगपति अखिलेश खेमका ने पीएम से लॉकडाउन की वजह से प्रभावित असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के आजीविका के संबंध में चिंता प्रकट की। पीएम ने कहा कि ये सही है कि आपदा बहुत बड़ी है, लेकिन आपदा को अवसर में बदलना ही मानव जीवन की विशेषता है। इन दिनों सोशल मीडिया में आप लॉकडाउन का एक और प्रभाव देखने को मिल रहा है।
मेरी बालक सेना हर परिस्थिति से निपटने को है तैयार
बीएचयू में कोरोना वार्ड के हेड डॉ गोपाल नाथ ने पीएम से कोरोना महामारी के इलाज से जुड़ी सुविधाओं की उपलब्धता पर चिंता प्रकट की। पीएम ने कहा कि हमें ये ध्यान रखना है कि अभी तक कोरोना के खिलाफ कोई भी दवा, कोई भी वैक्सीन पूरी दुनिया में नहीं बनी है। इस पर हमारे देश में भी और दूसरे देशों में भी काम तेज़ी से चल रहा है।
गृहिणी अंकिता खत्री ने पीएम से जब छात्रों की वार्षिक परीक्षा और अन्य विषयों पर बात की तो पीएम ने उन्हें बच्चों की चिंता से बचने की सलाह देते हुए कहा कि मैं देख रहा हूं कि मानव जाति, कैसे इस वैश्विक संकट से जीतने के लिए एक साथ आगे आई है और इसमें भी सबसे बड़ी भूमिका मेरी बालक सेना निभा रहे हैं।