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काशीवासी देशवासियों को सिखा सकते हैं साधना, सेवा, समाधान का भाव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Wed, 25 Mar 2020 05:41 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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Narendra Modi - फोटो : ANI
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सांसद और पीएम नरेंद्र मोदी ने आज नवरात्रि के पहले दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के नागरिकों से बातचीत करते हुए कहा कि कोरोना से बचाव की लड़ाई में लागू किए लॉकडाउन को प्रभावी बनाना बेहद जरूरी है।

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काशीवासी साधना, सेवा, समाधान के सद्गुण पर चलकर, नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करके देश के लिए उदाहरण बन सकते हैं। कोरोना से बचाव पर चिंता प्रकट करते हुए पीएम ने कहा कि महामारी से बचने के सामाजिक जागरूकता ही यही एकमात्र उपाय है।  

पीएम नरेंद्र मोदी से बातचीत में प्रोफेसर कृष्णकांत वाजपेयी ने कोरोना महामारी का मुकाबला करने के लिए सामाजिक जागरूकता फैलाने पर बात की, तो प्रधानमंत्री ने भी कहा कि कोरोना से बचाव की लड़ाई में सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है।
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पीएम ने कहा कि वैसे मैं आपको ये भी जानकारी देना चाहता हूं कि कोरोना से जुड़ी सही और सटीक जानकारी देने के लिए सरकार ने वाट्सएप के साथ मिलकर एक हेल्पडेस्क भी बनाई है। आप ये भी ध्यान रखिए कि कोरोना से संक्रमित दुनिया में 1 लाख से अधिक लोग ठीक भी हो चुके हैं और भारत में भी दर्जनों लोग कोरोना के शिकंजे से बाहर निकले हैं। 
 

पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन - फोटो : अमर उजाला

आभार प्रकट करने का संस्कार बढ़ना जरूरी

पीएम ने कहा कि कल तो एक खबर में देख रहा था कि इटली में 90 वर्ष से ज्यादा आयु की माताजी भी स्वस्थ हुई हैं। आपने देखा होगा, बीते कुछ वर्षों में एक परंपरा शुरू हुई है कि एयरपोर्ट पर जब लोग फौज के जवानों को देखते हैं तो उनके सम्मान में खड़े हो जाते हैं, कुछ लोग तालियां भी बजाते हैं। ये आभार प्रकट करने का तरीका हमारे संस्कारों में आगे भी बढ़ना ही चाहिए। हमारे समाज में ये संस्कार दिनों-दिन प्रबल हो रहा है, कि जो देश की सेवा करते हैं, जो देश के लिए खुद को खपाते हैं, उनका सार्वजनिक सम्मान भी होते रहना चाहिए।

जीवन तो आशा और विश्वास से ही चलता है

समाजसेवी मोहिनी ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दिन-रात कार्य कर रहे मेडिकल स्टॉफ के स्वास्थ्य को लेकर सवाल पूछा। पीएम ने कहा कि आप सोचिए, अस्पतालों में लोग 18-18 घंटे काम कर रहे हैं। कई जगहों पर अस्पतालों में, हेल्थ सेक्टर से जुड़े लोगों को 2-3 घंटे से ज्यादा सोने को नहीं मिल रहा। कितने ही सिविल सोसायटी के लोग हैं जो गरीबों की मदद के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं। निराशा फैलाने के लिए हजारों कारण हो सकते हैं लेकिन जीवन तो आशा और विश्वास से ही चलता है। नागरिक के नाते कानून और प्रशासन को जितना ज्यादा सहयोग करेंगे, उतने ही बेहतर नतीजे निकलेंगे। 
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पीएम नरेंद्र मोदी का राष्ट्र को संबोधन - फोटो : PTI

आपदा को अवसर में बदलना मानव की विशेषता 

उद्योगपति अखिलेश खेमका ने पीएम से लॉकडाउन की वजह से प्रभावित असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के आजीविका के संबंध में चिंता प्रकट की। पीएम ने कहा कि ये सही है कि आपदा बहुत बड़ी है, लेकिन आपदा को अवसर में बदलना ही मानव जीवन की विशेषता है। इन दिनों सोशल मीडिया में आप लॉकडाउन का एक और प्रभाव देखने को मिल रहा है। 

मेरी बालक सेना हर परिस्थिति से निपटने को है तैयार

बीएचयू में कोरोना वार्ड के हेड डॉ गोपाल नाथ ने पीएम से कोरोना महामारी के इलाज से जुड़ी सुविधाओं की उपलब्धता पर चिंता प्रकट की। पीएम ने कहा कि हमें ये ध्यान रखना है कि अभी तक कोरोना के खिलाफ कोई भी दवा, कोई भी वैक्सीन पूरी दुनिया में नहीं बनी है। इस पर हमारे देश में भी और दूसरे देशों में भी काम तेज़ी से चल रहा है।
गृहिणी अंकिता खत्री ने पीएम से जब छात्रों की वार्षिक परीक्षा और अन्य विषयों पर बात की तो पीएम ने उन्हें बच्चों की चिंता से बचने की सलाह देते हुए कहा कि मैं देख रहा हूं कि मानव जाति, कैसे इस वैश्विक संकट से जीतने के लिए एक साथ आगे आई है और इसमें भी सबसे बड़ी भूमिका मेरी बालक सेना निभा रहे हैं।  
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