प्रेस कांफ्रेंस में डीआरएम ने बताया कि वाराणसी से लेकर काशी स्टेशन तक विकास के बहुत सारे कामकाज स्टेशन री डेवलपमेंट के तहत चल रहे हैं। वाराणसी से काशी रेलवे स्टेशन होते हुए व्यासनगर जीवनाथपुर के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का काम होना है। इसमें कुछ जगहों का काम भी अंतिम चरण में हैं। यहां जो अंडरपास बना है, उसकी बाइंडिंग का काम भी चल रहा है।
डीआरएम ने कहा कि सिग्नेचर ब्रिज का जहां तक काम है, उसमें सड़क, यातायात, रेलवे ट्रैक तीनों को ध्यान में रखकर काम कराया जाएगा। जिससे कि किसी को कोई परेशानी न हो। इसके डिजाइन फाइनल होने का काम भी अंतिम दौर में चल रहा है। इसके फाइनल होने के बाद काम शुरू हो पाएगा। काशी रेलवे स्टेशन पर जहां काम चल रहा है, उस बिल्डिंग में नए प्लेटफॉर्म बनेंगे। इस स्टेशन का प्लेटफार्म 1 अलग आकार का होगा। किसी तरह का काम प्रभावित न हो, इसको लेकर लगातार रिव्यू मीटिंग की जाएगी।
चार लेन का रेलवे ट्रैक, छह लेन की होगी सड़क
प्रेस कांफ्रेंस में डीआरएम ने बताया कि काशी से व्यासनगर तक चार रेलवे ट्रैक से ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके लिए यार्ड रिमडिलिंग सहित कई कामकाज होने हैं। बताया कि कामकाज में कोई असुविधा न हो, इसके लिए चरणबद्ध तरीके से मेगा ब्लॉक भी लिया जाएगा। इसकी सूचना समय-समय पर उत्तर रेलवे की ओर से जारी की जाएगी।
सिग्नेचर ब्रिज की जहां तक बात हैं वह इस इलाके के लिए बड़ा वरदान है। इससे रेल की कनेक्टिवटी इस इलाके की बढ़ जाएगी। जहां चार लेन का रेलवे ट्रैक होगा, वहीं छह लेन की सड़क होगी। इसके बन जाने के बाद वाराणसी से काशी होते हुए पीडीडीयू नगर के रास्ते बिहार, झारखंड आदि जगहों पर जाने वाली ट्रेनें लेट नहीं होंगी।