फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सास-बहू के रिश्ते में मिठास घोलता है करवाचौथ का व्रत

Sat, 27 Oct 2018 04:21 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
विज्ञापन
करवाचौथ
विज्ञापन
करवाचौथ मनाने को लेकर सुहागिनें उत्साहित हैं। बुजुर्ग हों या युवा सभी तैयारी में जुटी हुई हैं। बुजुर्ग महिलाओं का कहना है कि करवा चौथ पति-पत्नी के साथ सास-बहू के रिश्ते को भी मजबूत करता है। पंजाबी समाज में यह त्योहार सास-बहू के लिए बेहद खास होता है, जो उनके रिश्ते में और मिठास घोलता है। सास बहू को सरगी के रूप में मिठाई, फल और शृंगार का सामान देती है, जिससे आपस में प्यार और आदर बढ़ता है। आज हम कुछ ऐसी ही पंजाबी महिलाओं से रूबरू होंगे जो कई सालों से अपनी बहू के साथ करवा चौथ मनाती आ रही हैं। 
विज्ञापन


 

सास व बहू के बीच प्यार को बढ़ाता 

शोभा कपूर - फोटो : amar ujala
गुरुधाम निवासी शोभा कपूर अपनी बहू के साथ दस साल से करवाचौथ मना रही हैं। बताती हैं कि भारतीय संस्कृति से जुडे़ पर्व, त्योहार एकजुटता की सीख देते हैं। करवाचौथ पति, सास व बहू के बीच प्यार को बढ़ाता है। मेरी बहू को मेरे हाथों के पकवान पसंद हैं। इसलिए मैं हर साल उसके लिए उसकी पसंद की चीजें बनाकर सरगी में देती हूं। 

 

बहू की पसंद की सरगी तैयार कराती हूं

रेनू बहल - फोटो : amar ujala
ब्रह्मानंद कालोनी की रेनू बहल पिछले दो साल से अपनी बहू के साथ यह पर्व मना रही हैं। वे कहती हैं कि करवा चौथ के व्रत में कथा सुनी जाती है तो इससे नई दुल्हनों को अपने धर्म, संस्कृति का ज्ञान होता है। सास की ओर से बहू को सरगी देने की परंपरा से आपस में प्यार भी बढ़ता है। बहू की सरगी हमेशा उसकी पसंद के अनुसार ही तैयार कराती हूं।

 
विज्ञापन

भी मुझे तोहफा देती है 

अमिता मेहरा - फोटो : amar ujala
ककरमत्ता निवासी अमिता मेहरा कहती हैं कि करवाचौथ के चलते दिन भर अन्न, जल का सेवन न करने से त्याग की भावना का विकास होता है। पति-पत्नी में प्यार बढ़ता है, वहीं पारिवारिक रिश्तों में भी मजबूती आती है। व्रत के एक दिन पहले बहू को जो कुछ भी खाने का मन होता है उसे बनाकर प्यार से खिलाती हूं। व्रत के बाद बहू भी मुझे तोहफा देती है तो बड़ा अच्छा लगता है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें