ज्योतिषाचार्यों की गणना के मुताबिक, इस बार काशी में पिछले साल की तुलना में छह मिनट पहले ही चंद्रोदय हो जाएगा। पिछले साल रात 8:03 बजे चंद्रमा के दर्शन हुए थे, जबकि इस बार शाम 7:57 बजे ही चंद्रदेव क्षितिज पर उदित हो जाएंगे। बीएचयू ज्योतिष विभाग के प्रो. विनय पांडेय के मुताबिक, मौसम में सक्रिय अर्नब चक्रवात का चंद्रोदय के निर्धारित समय पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा और सभी व्रती महिलाएं समय पर अपना व्रत निर्विघ्न पूर्ण कर सकेंगी।
धार्मिक व ज्योतिषीय दृष्टि से इस बार का करवा चौथ अत्यंत मंगलकारी संयोग लेकर आया है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि व्रत से एक दिन पहले बुधवार की शाम 5:31 बजे भद्रा शुरू हो गया। ये भोर में 4:27 बजे समाप्त हो रहा है। इसलिए व्रत वाले दिन भद्रा का कोई साया नहीं रहेगा। पर्व के दिन वरीयान योग, परिघ, पंच महापुरुष, बुधादित्य, पाराशरी राजयोग, मालव्य पंच, सरस्वती और अखंड सौभाग्य योग जैसे दुर्लभ शुभ योगों की शृंखला बन रही है।