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Varanasi News: बीएचयू में करणी सेना और छात्रों में झड़प, रोने लगी धरनारत डरी-सहमी छात्रा

Tue, 22 Apr 2025 05:08 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बीएचयू में 10 गाड़ियों से पहुंचे करणी सेना को रोकने के लिए छात्रों से झड़प हो गई। इस दौरान सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं दिखे। ऐसे में धरने पर बैठी छात्रा सहम गई और रोने लगी। 
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हंगामे के दौरान रोती हुई छात्रा अर्चिता सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू में धरनारत छात्रा को समर्थन देने आए करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर प्रताप सिंह वीरू को विरोध का सामना करना पड़ा। छात्रों और पुलिस ने वीरू समेत 30 से ज्यादा लोगों को सेंट्रल ऑफिस से जबरन हटाया। करणी सेना और छात्रों में 40 मिनट तक झड़प और बहसबाजी चलती रही। करणी सेना मुर्दाबाद के भी नारे लगे। इस बीच विवि का कोई भी सुरक्षाकर्मी बीच-बचाव करता नहीं दिखा।

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धरने पर बैठी छात्रा डरी-सहमी रोने लगी। कुछ छात्रों ने घेरेबंदी कर दोनों पक्षों को हटाया। वीरू सिंह की छात्रा से बातचीत भी पूरी नहीं हुई और वहां से हटना पड़ा। मौके पर पहुंचे लंका थाना इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने जब सुरक्षा गार्डाें से पूछा कि इतने बाहरी कैंपस में कैसे प्रवेश किए तो इस पर तीखी बहसबाजी हो गई।

वीरू ने कहा कि मेरा विरोध करने वाले नहीं चाहते कि उस बेटी का एडमिशन हो। लेकिन मेरे समाज की बेटी है अब उसकी लड़ाई और मजबूती से लड़ूंगा।

बिना रोकटोक के पहुंचीं 10 गाड़ियां
10 गाड़ियों से आए करणी सेना के वीरू सिंह अपनी टीम के साथ बिना किसी रोकटोक के सेंट्रल ऑफिस के धरना स्थल पर पहुंच गए। वहां से हटाने के कई कई छात्र भी पहुंचे, 15 मिनट की बातचीत हुई, लेकिन वीरू सिंह नहीं माना और छात्रा से बातचीत करने पहुंच गया। इस पर बड़ी संख्या में छात्र वहां पहुंचे और बारजे पर खड़े होकर कहने लगे कि हम भी क्षत्रिय हैं, लेकिन कोई बाहरी आकर राजनीतिक रोटी नहीं सेक सकता। फिर छात्रों से झड़प शुरू हो गई।
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छात्र बोले- नहीं दिखे चीफ प्रॉक्टर
छात्रों ने जबरन बाहर करने का प्रयास किया तो लंका समेत आसपास के थानों से पहुंची पुलिस ने भी वीरू और पूरी करणी सेना को कार्यालय के मेन गेट से बाहर निकालना शुरू किया। सुरक्षा के घेरे में वीरू सिंह को बाहर किया गया।

छात्रों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण के दौरान न तो चीफ प्रॉक्टर मौके पर आए और न ही कोई प्रॉक्टर। वहीं जब लंका थाना इंस्पेक्टर ने पूछा कि पुलिस की एक गाड़ी के लिए सवाल किया जाता है, लेकिन इतनी बाहरी गाड़ियां एक साथ आ गईं, इस पर किसी का ध्यान क्यों नहीं गया। इस पर सुरक्षा गार्डाें ने काफी देर तक बहसबाजी की।

रोती रही छात्रा
पीएचडी प्रवेश की मांगों को लेकर 6 दिन से धरनारत छात्रा अर्चिता सिंह रोने लगी। तब तक वहां प्रॉक्टोरियल बोर्ड के न तो पुरुष और न ही महिला सुरक्षाकर्मी नजर आईं। हालांकि समर्थन में बैठे ही कई छात्रों ने बवाल कर रहे लोगों को धकेल कर दूर किया। इसके बाद में एलआईयू के स्टाफ उन लड़कों को हटाते दिखे।

कार्यवाहक वीसी पहुंचे, छात्र बोले- कुलपति हाय-हाय
झड़प से पहले कार्यवाहक कुलपति प्रो. संजय कुमार भी सेंट्रल ऑफिस पहुंचे। वहां पर वह छात्रों ने कुलपति हाय-हाय के नारे लगाए। इस पर एक मिनट भी वह खड़े नहीं हुए और वापस लौटने लगे तो एक मीडियाकर्मी के सवाल के जवाब पर कुलपति हाय-हाय कहते नजर आए।
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