उज्बेकिस्तान में कामनवेल्थ वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप में हरहुआ के दादूपुर गांव निवासी पूनम यादव ने रजत पदक पर कब्जा जमाया है। सात से 17 दिसंबर तक हो रहे चैंपियनशिप में पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से खेलते हुए 76 किलो भार वर्ग में 220 किलो उठाकर पदक जीता। इसके साथ ही पूनम ने विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में सातवां स्थान हासिल कर बर्मिंघम 2022 में होने वाले कामनवेल्थ गेम्स के लिए दावेदारी पेश की है।
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल में टिकट निरीक्षक पूनम ने बताया कि कोरोना महामारी और शादी के तीन साल बाद मुंबई में कठिन परिश्रम करने के बाद यह सफलता मिली है। पूनम 2018 के कामनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इस जीत के बाद पूनम के मायके और ससुराल में खुशी का माहौल है। पिता कैलाश यादव ने गांव में मिठाई बांटकर खुशियां मनाई। कैलाश ने बताया कि सबसे बड़ी बेटी शशि वेटलिफ्टिंग की बदौलत रेलवे में नौकरी हासिल कर चुकी है। पूनम भी रेलवे में नौकरी कर रही है और शादी के बाद भी खेल का दामन नहीं छोड़ा। तीसरी बेटी पूजा भी राष्ट्रीय स्तर की वेटलिफ्टर है। इनके अलावा दो बेटे है जो एथलेटिक्स और हॉकी में काशी का मान बढ़ा रहे हैं।