कानपुर के पुखरायां के पास रविवार सुबह इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे में वाराणसी के मृतकों की संख्या नौ हो गई है। पिंडरा कायस्थान के संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी प्रतिमा श्रीवास्तव की मौत के बाद लापता दोनों बेटियां सुहानी और सुरभि भी मृत मिलीं, जबकि कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती बेटे अभय की इलाज के दौरान मौत हो गई। शहर के चंवर गली के बृजमोहन दास और उनके बेटे जगमोहन दास के अलावा रश्मी शाह और उनकी बहन अचला छारिया की भी हादसे में मौत हो गई। सभी नौ शव सोमवार को वाराणसी लाए गए।
इस बीच दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन की बोगियों से पूर्वांचल के 18 लोगों के शव और मिले हैं। जिन और मृतकों की शिनाख्त हुई है, उनमें चंदौली के चार, जौनपुर के तीन, आजमगढ़ के तीन और बलिया का एक व्यक्ति शामिल है। चंदौली के चार अन्य मृतकों में तिलौरी, चकिया निवासी रमाशंकर, अब्दुल कयूम निवासी मुसलिम महाल, मुगलसराय और चंदौली खुर्द निवासी दीपक व अर्पित शामिल हैं।
जौनपुर के चंदवक के मनियारेपुर गांव के रवींद्र पांडेय और उनके पुत्र ऋषभ तथा सिरकोनी के गोपीपुर निवासी खुशी पुत्र धर्मेंद्र चतुर्वेदी का शव मिले हैं। धमेंद्र चतुर्वेदी भी लापता हैं। बलिया के बांसडीह रोड क्षेत्र के बघौली गांव निवासी राजमणि तिवारी (28) का शव सोमवार को उनके गांव लाया गया। रेल हादसे में मृत आजमगढ़ के रानी की सराय के सिरसाल निवासी रामनवल यादव, उनके पुत्र शैलेष और भांजा सुनील के शव सोमवार को लाए गए।