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संगीत महोत्सव: बनल रहे नैहरवा ससुरवा ए काली माई... पंचमेवा शृंगार के साथ गूंजी सुर-ताल और कथक की त्रिवेणी

Tue, 06 Oct 2026 12:49 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

प्राचीन काली मठ में संगीत महोत्सव की दूसरी निशा पर रात भर सुर, ताल और नृत्य का संगम दिखा। इस दौरान बाल कलाकार समर्थ मिश्रा व रुद्राक्ष पाठक ने सितार-तबले की जुगलबंदी से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 
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संगीत महोत्सव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्राचीन काली मठ लक्सा में आयोजित तीन दिवसीय संगीत महोत्सव की दूसरी निशा सेामवार को भक्ति भाव और शास्त्रीय संगीत की छटा के साथ संपन्न हुई। मां काली का भव्य पंचामृत स्नान और पंचमेवा शृंगार किया गया। पूजन के क्रम में पं. विकास दुबे काका गुरु ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माता का शृंगार किया। इसके बाद मुख्य महंत पं. ठाकुर प्रसाद दुबे ने विधिवत महाआरती उतारी।

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संध्या वेला में गीतकार कन्हैया दुबे केडी के संचालन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। पूरी रात सुर, ताल और नृत्य के संगम से सजी रही। कार्यक्रम की शुरुआत काशी सोल ऑफ म्यूजिक के प्रतिष्ठित तबला वादक पंकज राय के नेतृत्व में हुई। इसमें डॉ. सनिश ज्ञावली की बांसुरी, डॉ. सर्वोत्तम मिश्रा के सितार और डॉ. संदीप केवले के पखावज की जुगलबंदी ने राग हेमंत, आलाप, जोड़, झाला और 10 मात्रा के झप ताल पर मधुर तान छेड़कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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पं. रविशंकर मिश्र और डॉ. ममता टंडन ने कथक प्रस्तुत करते हुए देवी स्तुति या देवी सर्वभूतेषु... और राधा-कृष्ण के भजनों पर मनमोहक नृत्य पेश किया। इनके साथ तबले पर भोलानाथ मिश्र व अवंतिका महाराज और हारमोनियम व गायन पर विशाल मिश्रा ने संगत की। वहीं, बाल कलाकार समर्थ मिश्रा व रुद्राक्ष पाठक ने सितार-तबले की जुगलबंदी से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। रात्रि के संगीत सत्र में विभिन्न भजन व लोक गायकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। 

डॉ. विजय कपूर ने काली मैया तिहारी इच्छा से हम द्वार तुम्हारे आए हैं..., लोक गायिका ज्योति माही ने मां तुम ना सुनोगे तो कौन सुनेगा..., बक्सर की अर्चना तिवारी ने बनल रहे नैहरवा ससुरवा ए काली माई... और साहित्यकार अरविंद मिश्रा ने काली मां को आज पत्र लिखूंगा... की प्रस्तुति दी।

इसके अलावा बाल कलाकार यथार्थ दुबे, जय चौरसिया, ओम तिवारी, पुनीत जेटली पागल बाबा, लोक गायक गोविंद गोपाल और नीरज पांडेय ने देवी गीतों व भजनों से हाजिरी लगाई। साथ ही संस्कृति शर्मा और राजा झांकी ने शिव-पार्वती प्रसंग पर भाव नृत्य प्रस्तुत किया। संगत कलाकारों में तबले पर पं. बलराम मिश्रा व मोती शर्मा, ढोलक पर विशाल व शनि, कीबोर्ड पर नीरज पांडेय, बैंजो पर जियाराम और पैड पर राहुल व विवेक ने भूमिका निभाई।
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