सीओ सिटी रणधीर मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह श्रीराम फाइनेंस कंपनी में सीजिंग का कार्य करते हैं। कंपनी से किश्त बकाए वाले वाहनों की सूची मिलने पर संबंधित वाहनों को कब्जे में लेते हैं और उसे यार्ड में खड़ा करा कंपनी को सूचित करते हैं।
आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि रविवार की रात भी वह ट्रेलर को किश्त बकाया होने के आधार पर ही जबरन कब्जे में लिए। उसे लेकर हिंदुआरी स्थित यार्ड जा रहे थे तभी गेंगुआर में ट्रेलर खराब होकर बंद हो गया। चालक ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई।
सूरज और संतोष का पहले से है आपराधिक इतिहास
सूरज के खिलाफ जहां वर्ष 2022 में भी राॅबर्ट्सगंज कोतवाली में आपराधिक मामला दर्ज पाया गया है। वहीं संतोष सिंह के खिलाफ इसी वर्ष इस घटना से पूर्व राॅबर्टसगंज कोतवाली में एक मामला दर्ज किया गया था।