फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काकोरी ट्रेन एक्शन: शहीदों की गाथा से सजा सर्किट हाउस, प्रदर्शनी ने मोहा; देशभक्तों को किया नमन

Mon, 10 Aug 2026 09:58 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी के सर्किट हाउस में काकोरी ट्रेन एक्शन के अमर शहीदों की वीरगाथा को प्रदर्शनी के माध्यम से जीवंत किया गया। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े चित्रों और घटनाओं को देखकर लोगों में देशभक्ति का भाव नजर आया। आगंतुकों ने शहीदों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
विज्ञापन
काकोरी कांड। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Kakori Train Action: काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर सर्किट हाउस परिसर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। हर घर तिरंगा अभियान के तहत यहां काकोरी क्रांति और स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों पर आधारित प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। 

विज्ञापन


जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसकल पटेल, सीडीओ प्रखर कुमार सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, अशफाकउल्लाह खां, रामप्रसाद बिस्मिल और ठाकुर रोशन सिंह समेत क्रांतिकारियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।

विज्ञापन

हर घर तिरंगा और काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित प्रदर्शनी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। इसमें काकोरी कांड से जुड़े क्रांतिकारियों के जीवन से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई। क्रांतिकारियों की जन्म तिथि, जन्म स्थान, शिक्षा, वैचारिक पृष्ठभूमि, संगठनात्मक भूमिका, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, गिरफ्तारी, मुकदमे और सजा से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की गई। 

प्रदर्शनी में बताया गया कि काकोरी षड्यंत्र मामले में ब्रिटिश सरकार ने क्रांतिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की थी। रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्लाह खां, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को फांसी की सजा दी गई। सचिंद्रनाथ सान्याल, गोविंद चरण कर, मुकुंद लाल, सचिंद्रनाथ बक्शी, जोगेश चंद्र चटर्जी और रामकृष्ण खत्री समेत अन्य क्रांतिकारियों के संघर्ष और सजा का भी उल्लेख किया गया। 

प्रदर्शनी में क्रांतिकारियों के हस्ताक्षरों की प्रतिकृतियां, ऐतिहासिक पत्र, मुकदमे से संबंधित दस्तावेज और दुर्लभ चित्र भी प्रदर्शित किए गए। लोगों ने प्रदर्शनी में रुककर दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली। विशेष खंड में क्रांतिकारियों की शिक्षा, साहित्यिक रुचि, वैचारिक प्रतिबद्धता और व्यक्तित्व पर भी प्रकाश डाला गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोकगीत गायकों ने शहीदों की वीरता, त्याग और बलिदान पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। गीतों के माध्यम से काकोरी के क्रांतिकारियों की गाथा जीवंत हो उठी। दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें