हर घर तिरंगा और काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित प्रदर्शनी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। इसमें काकोरी कांड से जुड़े क्रांतिकारियों के जीवन से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई। क्रांतिकारियों की जन्म तिथि, जन्म स्थान, शिक्षा, वैचारिक पृष्ठभूमि, संगठनात्मक भूमिका, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, गिरफ्तारी, मुकदमे और सजा से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की गई।
प्रदर्शनी में बताया गया कि काकोरी षड्यंत्र मामले में ब्रिटिश सरकार ने क्रांतिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की थी। रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्लाह खां, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को फांसी की सजा दी गई। सचिंद्रनाथ सान्याल, गोविंद चरण कर, मुकुंद लाल, सचिंद्रनाथ बक्शी, जोगेश चंद्र चटर्जी और रामकृष्ण खत्री समेत अन्य क्रांतिकारियों के संघर्ष और सजा का भी उल्लेख किया गया।
प्रदर्शनी में क्रांतिकारियों के हस्ताक्षरों की प्रतिकृतियां, ऐतिहासिक पत्र, मुकदमे से संबंधित दस्तावेज और दुर्लभ चित्र भी प्रदर्शित किए गए। लोगों ने प्रदर्शनी में रुककर दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली। विशेष खंड में क्रांतिकारियों की शिक्षा, साहित्यिक रुचि, वैचारिक प्रतिबद्धता और व्यक्तित्व पर भी प्रकाश डाला गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोकगीत गायकों ने शहीदों की वीरता, त्याग और बलिदान पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। गीतों के माध्यम से काकोरी के क्रांतिकारियों की गाथा जीवंत हो उठी। दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।