कज्जाकपुरा आरओबी के निर्माण कार्य की रफ्तार सुस्त है। यहां की सीवर लाइन, पेयजल लाइन और बिजली के पोल खंभों के स्थान बदलने का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते मात्र 30 प्रतिशत काम हुआ है। यह सबसे लंबा आरओबी है। यह आरओबी करीब सवा किलोमीटर लंबा होगा। इसके बनने से जीटी रोड पर लगने वाले जाम से निजात मिल जाएगी।
दो लेन का यह आरओबी भदऊ चुंगी से लेकर पुराने पुल तक बनेगा। जो उत्तर रेलवे के अंडर पास के साथ ही पूर्वोत्तर रेलवे के कज्जाकपुरा क्रासिंग को पार करेगा। सेतु निगम के अलावा रेलवे को भी आरओबी निर्माण की जिम्मेदारी उठानी है। यहां बिजली के तारों के कारण निर्माण कार्य में दिक्कत आ रही है। इसके अलावा यहां सीवर और पेयजल लाइनों का स्थान बदलने का काम होना बाकी है। यहां से कई ऐसी लाइनें हैं। जिसे बदलने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। आसपास के इलाकों में सीवर और पेयजल की लाइनों के चोक होने का खतरा मंडरा रहा है। इसे देखते हुए विभाग की ओर से काम कराया जा रहा है। पिलर के साथ स्टील बीम का काम किया जा रहा है। अब भी 70 प्रतिशत के आसपास काम होना बाकी है। सेतु निगम ने 31 माह में आठ पिलर के साथ रैंप ढाला है। यहां पर यातायात का अत्यधिक दबाव है। जिसके चलते सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर निर्माण कार्य कराने में अड़चनें आ रही हैं।
वर्जन
आरओबी के निर्माण कार्य को पहले से तेज किया गया है। सीवर लाइन, पेयजल लाइन और बिजली के तारों को हटाने की कार्रवाई चल रही है। हम लोगों का पूरा प्रयास है कि निर्धारित अवधि में इसका निर्माण कार्य पूरा कराया जाए। - एसके निरंजन, परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम