पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित होगी कबीर प्राकट्य स्थली
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महंत विवेक दास ने बताया कि यूपीपीसीएल ने प्राकट्य स्थली पर कार्य आरंभ कर दिया है। प्राकट्य स्थली पर बनने वाले स्मारक का हर पत्थर कबीर की वाणी बोलेगा। कबीर साहब आत्मवादी संत थे और उनका दर्शन निर्गुणवाद पर आधारित है इसलिए स्मारक में कोई प्रतिमा या मूर्ति स्थापित नहीं होगी। कबीर साहब मूर्तिपूजा के खिलाफ थे और हम मूलगादी की पीठ से देश और दुनिया को यही संदेश देंगे।
बनारस में कबीर प्राकट्य स्थली पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभरेगी। निर्माण के बाद सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक कबीर उद्भव स्थल परिसर और स्मारक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। पुस्तकालय एवं अध्ययन केंद्र के साथ ही बच्चों के लिए मोटरबोट लहरतारा तालाब में चलाई जाएगी। महंत विवेकदास ने बताया कि यह सभी मोटरबोट नीदरलैंड से मंगवाए जाएंगे। तालाब को कबीर साहब के प्रतीक स्वरूप कमलवन से सजाया जाएगा। तालाब में जगह-जगह रंगीन म्यूजिक फव्वारा लगाया जाएगा। रात में नौ बजे से लाइट एंड साउंड शो का प्रदर्शन होगा।