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कबीर की गाथा काशी में होगी जीवंत, इस राज्य से मंगाए गए पत्थरों पर उकेरी जाएगी उनकी कहानी 

Wed, 30 Jan 2019 09:56 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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लहरतारा स्थित कबीर मठ - फोटो : amar ujala
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"कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हंसे हम रोए। ऐसी करनी कर चलो हम हंसे जग रोए।" कबीर का लिखा यह दोहा आज उन पर ही चरितार्थ हो रहा है। उनके द्वारा किए गए कामों के कारण ही काशी में पत्थरों और शीशे पर उनकी जीवनगाथा लिखने की तैयारी की जा रही है। 
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साधक का सामान्य जीवन जीने वाले फक्कड़ कबीर की जीवनगाथा और उनके संदेशों को दुनिया के सामने जीवंत करने की तैयारी की जा रही है। वाराणसी में उनकी जन्मस्थली पर राजस्थान के लाल पत्थरों, संगमरमर और शीशे पर कबीर की जीवनी और संदेशों को उकेरा जाएगा। 

लहरतारा स्थित कबीर मठ के प्रथम हाल में कमल के फूल में कबीर के जन्म लेने की गाथा को मूर्तियों के माध्यम से बनाया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर के हाल को भव्य स्वरूप देने के साथ ही कबीर के संदेशों को भी चित्रित किया जाएगा।
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समाधिस्थल को गर्भगृह का स्वरूप देकर कांच की डिजाइन से विभिन्न वृतांतों को आकार दिया जाएगा। कबीर के जीवनदर्शन पर तैयार हो रही प्रदर्शनी की लागत पांच करोड़ रुपये है और यह लगभग एक साल में बनकर तैयार हो जाएगी। 
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कबीर की लिखी किताबों की लगेगी प्रदर्शनी

लहरतारा स्थित कबीर मठ - फोटो : amar ujala
कंसलटेंट कंपनी रिट्ज इनकॉरपोरेट्स के संचालक रितेश कश्यप ने सोमवार को निर्माण को लेकर चर्चा की। बताया कि बेसमेंट में एक प्रदर्शनी तैयार की जा रही है, जिसमें कबीर का पूरा जीवन चक्र और उनपर लिखी गईं किताबों को प्रदर्शनी में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसकी डिजाइनिंग का काम भी दो-चार दिनों में ही शुरू कर दिया जाएगा।
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