वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपने जापानी समकक्ष शिंजो अबे के साथ 12 दिसंबर को प्रस्तावित काशी यात्रा पर हर किसी की नजरें टिकी हैं। डेढ़ साल पहले हुए काशी-क्योटो करार पर ठोस पहल के अलावा पर्यटन, गंगा सफाई, सुरक्षा, सड़क, कूड़ा प्रबंधन, ट्रैफिक जैसे अहम मसलों पर बड़ी घोषणाएं होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
जापानी पीएम काशी को क्या सौगातें देंगे, उस बारे में सात और आठ दिसंबर को यहां अहम बैठक होगी। जापानी दूतावास के अधिकारी महापौर, कमिश्नर, डीएम और नगर आयुक्त के साथ बैठक कर इसे अंतिम रूप देंगे। बैठक के लिए जापानी दूतावास की ओर से संदेश आ गया है।
प्रशासनिक हलके में जारी चर्चाओं के अनुसार जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र को बड़ी सौगातें देकर जाएंगे। बता दें कि जापान के प्राचीन किंतु आधुनिक सुविधाओं से युक्त शहर क्योटो की तरह काशी को विकसित करने के लिए 30 अगस्त 2014 को करार हुआ था।
यह करार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो अबे की मौजूदगी में हुआ था। इसके बाद क्योटो प्रशासन और जापानी दूतावास के अधिकारियों का दौरा लगातार हुआ लेकिन काम अब तक फाइलों से आगे नहीं बढ़ पाया। पिछले महीने भी जापान की एक टीम इस सिलसिले में काशी आई थी लेकिन बात फिर कार्ययोजना पर चर्चा तक सिमटी रह गई। अब जबकि जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे स्वयं काशी आ रहे हैं तो यह संभावनाएं जताई जा रही हैं कि वे बड़ी सौगातें देकर जाएंगे।
खासकर, काशी-क्योटो करार पर महत्वपूर्ण पहल हो सकती है। इसके अलावा, गंगा सफाई, पर्यटन के अलावा काशी की सड़क, सफाई, ट्रैफिक जैसी मूलभूत सुविधाओं में तकनीकी और आर्थिक मदद से जुड़ी घोषणाएं भी हो सकती हैं।