बार और बेंच के सहयोग के बिना न्याय नहीं हो सकता : न्यायमूर्ति मिश्र
- सेंट्रल बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। वादकारियों और अधिवक्ताओं के बीच परस्पर विश्वास न्यायिक सिस्टम की बड़ी ताकत है। बार और बेंच के सहयोग के बिना न्याय नहीं हो सकता। ऐसे में दोनों के बीच सामंजस्य होना बहुत आवश्यक है। यह बातें सेंट्रल बार एसोसिएशन के सभागार में वर्ष 2025 के लिए निर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र ने बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
न्यायमूर्ति ने कहा कि वादकारी अधिवक्ता पर विश्वास करके सादे कागज पर भी हस्ताक्षर कर देता है। ऐसे में वादकारियों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी अधिवक्ताओं पर बढ़ जाती है। न्यायिक अधिकारी भी अधिवक्ताओं पर विश्वास करते हैं, तभी न्याय मिलना संभव हो पाता है। न्यायमूर्ति ने सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मंगलेश दूबे, महामंत्री राजेश गुप्ता और वरिष्ठ उपाध्यक्ष शहनवाज खान समेत अन्य पदाधिकारियों और प्रबंध समिति के सदस्यों को शपथ दिलाई। समारोह में न्यायमूर्ति और अन्य अतिथियों, बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और विधि संवाददाताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही, फौजदारी के प्रख्यात अधिवक्ता रहे देवेंद्र प्रताप सिंह के तैल चित्र का अनावरण किया गया। समारोह में जिला जज संजीव पांडेय, मोटर दुर्घटना अधिकरण के जज अश्वनी दूबे, सीजेएम मनीष कुमार, बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश तिवारी व महामंत्री शशांक श्रीवास्तव के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता दीनानाथ सिंह, एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन विजय नरायन सिंह, सौरभ श्रीवास्तव, अशोक सिंह प्रिंस, डॉ. राम अवतार पांडेय सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण से किया गया और मुख्य अतिथि का स्वागत शहनाई बजाकर किया गया।