जीयनपुर कोतवाली के टेकनगाढ़ा गांव निवासी जगपत प्रजापति पुत्र रघूनाथ एक केवी का कनेक्शन लिया था। काफी दिनों से चल रहा बकाया बढ़कर 1.58 लाख तक पहुंच गया था। मई माह में विभाग ने उसका कनेक्शन काट दिया। ऐसे में जगपत नया कनेक्शन लेने के लिए जेई छोटेलाल से मिला।
जेई ने उसे कहा कि 15 हजार रुपये दो तुम्हारा बिल कम हो जाएगा। जिस पर जगपत ने दस हजार रुपये जेई को घूस दिया। जेई छोटेलाल ने जगपत का बिल घटाकर महज 24 हजार 254 रुपये कर दिया। 24 जून को जगपत ने पांच हजार रुपये और चार जुलाई को 19 हजार 254 रुपये जमाकर बकाया चुका दिया।
साथ ही अपना कनेक्शन जोड़ने के लिए पुन: जेई से मिला तो जेई छोटेलाल ने कनेक्शन जोड़ने के लिए जगपत से पांच हजार रुपये और घूस मांगी। इसपर जगपत सामाजिक संगठन ‘प्रयास’ के लोगों से मिला और 23 जुलाई को एंटी करप्शन विभाग गोरखपुर में शिकायत की। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से शुक्रवार की शाम को जगपत के हाथों जेई को पांच हजार रुपये का घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।