बीएचयू अस्पताल और ट्रामा सेंटर में जूनियर डॉक्टर अब इमरजेंसी में भी मरीजों को नहीं देखेंगे। इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, सीसीयू से भी अपने को अलग कर लिया है। इस वजह से अब मरीजों की मुश्किल और बढ़ गई है। इधर, इमरजेंसी सेवा ठप होने की वजह से अब अस्पताल में ओपीडी, वार्ड, इमरजेंसी सहित अन्य जगहों पर अब वरिष्ठ डॉक्टरों को मरीजों को देखना होगा।
नीट पीजी काउंसिलिंग में देरी के विरोध में 27 नवंबर से ही जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। मंगलवार दोपहर में आईएमएस निदेशक को पत्र लिखकर जूनियर डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा ठप करने की जानकारी दी थी। बताया कि सरकार की ओर से कोई कार्रवाई न होने की वजह से ही इमरजेंसी सेवा ठप करने का निर्णय लिया गया है। इधर, मंगलवार को दोपहर में आईएमएस निदेशक कार्यालय पर प्रदर्शन कर जूनियर डॉक्टरों ने विरोध जताया।