बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में रविवार को सर्जरी विभागाध्यक्ष और डिप्टी चीफ प्राक्टर डॉ. मुमताज अंसारी की एक मरीज के तीमारदारों द्वारा पिटाई के विरोध में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं।
मंगलवार को उन्होंने सर सुंदरलाल अस्पताल के साथ ही ट्रॉमा सेंटर में भी कामकाज नहीं किया। सर सुंदरलाल अस्पताल की ओपीडी बंद करा दी। हालांकि इमरजेंसी और आईसीयू को हड़ताल से बाहर रखा गया है।
साथ ही, सीनियर डॉक्टर भी व्यवस्था संभालने में जुटे हैं। बावजूद इसके सुबह आठ बजे शुरू हुई हड़ताल से अस्पताल और ट्रामा सेंटर में यूपी, बिहार, झारखंड समेत अन्य जगहों से आने वाले हजारों मरीजों को परेशानी हुई। अधिकतर मरीजाें को बिना इलाज कराए घर लौटना पड़ा।
इस बीच, हड़ताल की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसपी सिटी राजेश यादव, एसीएम नागेंद्र नाथ यादव ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय के साथ डॉक्टर लाउंज में बैठक की लेकिन कोई हल नहीं निकला।
करीब घंटे भर चली बैठक में जूनियर डॉक्टरों ने आरोपी तीमारदारों की गिरफ्तारी और वार्डों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग उठाई। वे इसे लेकर भी नाराज थे कि तीमारदाराें की गिरफ्तारी न होने पर मंगलवार से हड़ताल पर जाने की चेतावनी सोमवार को ही दी गई थी बावजूद इसके प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
चिकित्सा अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले हड़ताल खत्म करने को जूनियर डॉक्टर राजी नहीं हुए। इमरजेंसी, आईसीयू को छोड़ सभी चिकित्सकीय सेवाएं प्रभावित रहीं।
यूरोलॉजी, डेंटल, जीरियाट्रिक मेडिसीन, हेमाटोलॉजी सहित अन्य विभागों की ओपीडी में ताला बंद कराने के साथ ही आपरेशन थिएटर में भी जूनियर डॉक्टरों ने सेवाएं नहीं दीं।
न्यूरोलॉजी, मेडिसीन, पीडियाट्रिक मेडिसीन, ईएनटी सहित कुछ अन्य विभागों में सीनियर डॉक्टरों ने मरीज देखे लेकिन मरीजों का दबाव अधिक होने से कई को मायूस होना पड़ा।
पहले से जमा पर्ची मरीजों को वापस कर उन्हें लौटा दिया गया। नए मरीज भर्ती नहीं किए गए। ट्रॉमा सेंटर में भी सिर्फ सीनियर डॉक्टरों ने मरीज देखे।