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बाबा अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो, मेरी मां को प्रताड़ित न कीजो, पढ़िए एक मां की पीड़ा

Fri, 07 Feb 2020 12:34 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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इक्सवी सदी में जब बेटियां हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रही है, पुरुषवादी कार्यक्षेत्रों में भी खुद का वर्चस्व साबित कर रही हैं। इतना बदलाव होने के बाद भी बेटी के नाम पर लिंग भेद की स्थिति अभी भी है और इसका दर्द आज भी किसी न किसी मां को झेलना पड़ रहा है। ऐसी ही पीड़ा वाराणसी की प्रिया सिंह को झेलनी पड़ रही है, क्योंकि बेटी होते ही पति का प्यार नफरत में बदल गया और नफरत प्रताड़ना में बदल गई।

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इसके साथ ही पति राहुल सिंह अपनी महिला मित्र के साथ बैंकाक के फुकेट चला गया। पत्नी ने विरोध किया तो उसे मारपीट कर उसकी बच्ची को जान से मारने की भी कोशिश की। प्रकरण को लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने इंस्पेक्टर कैंट को आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। अदालत में पीड़िता का पक्ष अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी ने रखा।

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domestic violence

अधिवक्ता अंशुमान के अनुसार, पांडेयपुर क्षेत्र की प्रिया सिंह का विवाह अप्रैल 2016 में बिहार के छपरा निवासी राहुल सिंह से हुआ था। शादी के बाद कुछ महीने प्रिया छपरा में रही और इसके बाद राहुल उन्हें लेकर दिल्ली चला गया। आरोप है कि दिल्ली जाने के बाद 10 लाख रुपये दहेज की मांग लेकर प्रिया को राहुल प्रताड़ित करने लगा। इसी बीच प्रिया ने पुत्री को जन्म दिया तो राहुल और ज्यादा हिंसक हो गया।

प्रिया के मां-बाप ने राहुल के खाते में दो लाख रुपये जमा किए तो वह अपनी महिला मित्र को लेकर बैंकाक के फुकेट चला गया। प्रिया ने इसका विरोध किया तो मारा-पीटा। प्रिया ने अपने भाई को बुलाया तो राहुल ने सबके सामने ही उसकी बेटी का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की।

साथ ही, आठ लाख रुपये प्रिया के मायके से न मिलने पर उनकी निजी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। प्रकरण के संबंध में प्रिया ने नई दिल्ली और एसएसपी वाराणसी से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई तो वह अदालत की शरण में गईं।

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