जानें थर्मल स्कैनर के बारे में
असल में थर्मल स्कैनर एक ऐसा उपकरण है, जिसके माध्यम से कोरोनावायरस या फिर ऐसे ही किसी अन्य रोग से ग्रस्त व्यक्ति की पहचान की जा सकती है। यह स्कैनर एक स्वस्थ व्यक्ति और विषाणु से ग्रस्त व्यक्तिय में स्पष्ट अंतर बताता है। थर्मल स्कैनर की सबसे खास बात यह है कि इससे निकलने वाली तरंगों का कोई दुष्प्रभाव मानव शरीर पर नहीं पड़ता है। हालांकि, इसका उपयोग प्रशिक्षण प्राप्त विशेषज्ञ की देखरेख में ही संभव है।
जानें थर्मल स्कैनर की कार्यशैली
सामान्य रूप से थर्मल स्कैनिंग को लेकर लोगों के मन में एक अनजाना सा डर रहता है। सामान्य लोग थर्मल स्कैनिंग को सीटी-स्कैन जैसी ही किसी मशीन से जोड़कर देखते हैं। हालांकि, थर्मल स्कैनिंग मानव शरीर की जांच के सबसे आसान उपायों में से एक है और इसके लिए किसी भी व्यक्ति को किसी भारी भरकम मशीन से होकर नहीं गुजरना पड़ता है।
युवक के सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव
चीन से लौटे जिस युवक का सैंपल सोमवार को दीनदयाल अस्पताल में लिया गया था, उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि एहतियात के तौर पर उसका सैंपल लखनऊ भेजा गया था। बृहस्पतिवार को रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इसकी जानकारी संबंधित व्यक्ति को भी दी जा चुकी है।
केंद्रीय टीम ने पकड़ी मॉस्क की गुणवत्ता में कमी
कोरोना वायरस के डर से चीन छोड़कर वापस आने वाले लोगों की जांच, इलाज के लिए मॉस्क की गुणवत्ता पर विशेष जोर देने का निर्देश प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने दिया है। बृहस्पतिवार को प्रदेश के सभी सीएमओ, सीएमएस, एसआईसी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने एन 95 क्वालिटी वाले मॉस्क को लगाने का निर्देश दिया।
इससे पहले बुधवार को एयरपोर्ट पर जांच करने पहुंची केंद्रीय स्वास्थ्य टीम ने यहां जांच के दौरान मॉस्क की गुणवत्ता में कमी पकड़ी थी। इसकी रिपोर्ट प्रमुख सचिव को भी दी गई। वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने इसके लिए सभी सीएमओ को गुणवत्ता वाला मॉस्क लगाकर ही जांच करने का निर्देश दिया।