शहर के सरैया और जलालीपुरा में डायरिया फैलने की खबर से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए हैं। एक सप्ताह से यहां लोग उल्टी-दस्त से परेशान हैं। बुधवार को गंभीर हालत में पांच लोग जामिया अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। दोनों मोहल्लों में गंदगी और सीवेज बहने के साथ दूषित जलापूर्ति मुख्य वजह बताई जा रही है। इस दौरान दो दिन पहले डायरिया से पीड़ित एक बच्ची के मौत की चर्चा रही जबकि जामिया अस्पताल के आरएमओ डॉ. अरविंद यादव ने अस्पताल में बच्ची के मौत से इंकार किया है।
जामिया अस्पताल में डायरिया से पीड़ित सरैया, कच्चीबाग आदि मुहल्लों के पांच लोगों का इलाज चल रहा है। इसमें सरैया के फैजल अली (6), सोनी (50), सहाना (18), कच्ची बाग की जायरा बीबी (44) और जैतपुरा की मंजू (44) शामिल हैं। इनके अलावा पिछले तीन दिन में दस से अधिक लोग इलाज कराकर घर जा चुके हैं।
सरैया, जलालीपुरा, अमरपुर बटलोहिया में लंबे समय से दूषित जलापूर्ति हो रही है। लोगों ने बताया कि इसकी शिकायत जल संस्थान के महाप्रबंधक से की गई थी लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। आज भी नलों से सीवर का पानी आ रहा है। इसके अलावा तीनों मुहल्लों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
इन्हीं वजहों से यहां डायरिया ने पांव पसार लिए और फिर तेजी से फैलता गया। जल्द ध्यान न दिया गया तो हालात बेकाबू हो जाएंगे। कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश कोआर्डिनेटर हाजी ओकास अंसारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम लापरवाही की वजह से स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। इस बारे में अस्पताल के आरएमओ डॉ. अरविंद यादव ने बताया कि अस्पताल में भर्ती पांचों मरीजों की का इलाज चल रहा है।