Varanasi News: बीते 26 जून को हुए मामले के बाद व्यापारी ने अपने दो कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। वहीं, पुलिस ने इस मामले को चंदौली स्थानांतरित कर दिया है। पीड़ित ने रामनगर थाने में तहरीर दी थी।
कूड़ाखाना गली, नीचीबाग निवासी आभूषण कारोबारी जयपाल कुमार की तहरीर पर उनके कर्मचारी अविनाश गुप्ता और धनंजय यादव के खिलाफ 42 लाख 50 हजार रुपये गायब करने के आरोप में रामनगर थाने में शनिवार की रात मुकदमा दर्ज किया गया। यह घटना बीते 26 जून की आधी रात की है।
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जयपाल कुमार ने बताया कि उनके कर्मचारी अविनाश और धनंजय उनकी फर्म के 93 लाख रुपये लेकर बीते 26 जून को भुल्लनपुर से बस से कोलकाता जा रहे थे। दोनों कर्मचारियों के अनुसार हाईवे पर पहुंचने पर बस में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में और दो व्यक्ति सादे कपड़े में चढ़े।
तीनों ने खुद को चंदौली जिले के सैयदराजा थाना की क्राइम टीम की पुलिस बताया। इसके बाद तीनों बैग के साथ अविनाश और धनंजय को नीचे उतार कर बिना नंबर प्लेट की कार में बैठा लिए। कुछ देर बातचीत होने के बाद अविनाश का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
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देर रात लगभग 1.30 बजे अविनाश ने जयपाल कुमार को दूसरे मोबाइल नंबर से फोन किया। जयपाल कुमार उसके बताए हुए स्थान कटरिया बॉर्डर स्थित बनारस ढाबा पहुंचे। अविनाश ने जयपाल कुमार को बताया कि पुलिस वाले 50 लाख 50 हजार रुपये छोड़ दिए हैं। 42 लाख 50 हजार रुपये वह अपने साथ ले गए हैं।
अविनाश और धनंजय के बताए हुए स्थान के बारे में जयपाल कुमार ने बस के चालक और खलासी से पूछताछ की। घटनास्थल में भिन्नता होने पर जयपाल कुमार को अपने कर्मचारियों पर ही शक हुआ।
जयपाल कुमार ने कहा कि घटनास्थल को लेकर वह असमंजस में थे और वह अपने स्तर से घटना की पड़ताल किए। जब उन्हें पूरी तरह विश्वास हो गया कि अविनाश गुप्ता और धनंजय यादव ने ही उनके 42.50 लाख रुपये गायब किए हैं तो उन्होंने रामनगर थाने में तहरीर दी।
उधर, इस संबंध में रामनगर थानाध्यक्ष जगदीश कुशवाहा ने बताया कि जयपाल कुमार की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। जांच में घटनास्थल चंदौली जिले का चंदरखा निकला। इसलिए मुकदमा चंदौली जिले की पुलिस को हस्तांतरित कर दिया गया है।