पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने प्रयास कर करोड़ों रूपये में मार्कंडेय महादेव का सुंदरीकरण, पाथवे,गंगा घाट व गोमती संगम घाट की सीढिया,पाथवे,रेन बसेरा,रेलिंग इत्यादि कार्य कराए।गंगा नदी में जेटी लाखों रुपए खर्च कर लगवाई लगवाई। पिछले वर्ष आये बाढ़ में सीढ़ियां गंगा के बलधुस मिट्टी से पट गयी।
इसी दौरान गंगा नदी के पानी से जेटी एक सौ फुट ऊपर उठ कर बहते हुए पाथवे पर आकर लटक गयीं थी।मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर भी जेटी हटाई नही जा सकी जेटी को पाथवे से हटाकर पाथवे के बीचमें कर पाथवे का आवागमन चालू कर दिया गया।परंतु जेटी गंगा नदी के तलहटी से सौ फुट ऊपर पाथवे का शोभा बढ़ा रहा था।
असामाजिक तत्वों ने पूरी जेटी ही फूंक डाली जिससे प्लास्टिक व लकड़ी के लगे उपकरण जलकर राख हो गया।जिला प्रशासन के द्वारा जेटी जलने की रिपोर्ट तक दर्ज नही कराया गया है।विदित है कि तीन वर्ष पूर्व भी एक जेटी को गंगा नदी किनारे फुंकी गयी थी।जिसपर प्रशासन ने चार अभियुक्तों को कानून के दायरे में लिया था।
तीन को तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश त्रिपाठी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।एक अभियुक्त पुलिस के पकड़ से आज तक बाहर रहा।जिला प्रशासन के कड़े रुख पर मण्डलायुक्त कौशलराज शर्मा के निर्देश पर छतिपूर्ति की वसूली के लिए 17 ,17 लाख रुपये अभियुक्तों से वसूली करने का आदेश हुआ था परंतु आज तक वसूली तो दूर एक अभियुक्त आज तक गिरफ्तार नहीं हुआ।
इस सम्बंध में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि पहले भी जेटी फुंकी गयी थी।दुबारा फिर से जेटी फुंकी गयी है।यह निंदनीय है।जिला प्रशासन इसे गम्भीरता से ले।इन अपराधियों को संरक्षण देने वालों के विरुद्ध भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे।यही मेरी जिला पुलिस प्रशासन से अपेक्षा है।