सामाजिक न्याय और शिक्षा पर जोर
प्रेस वार्ता के दौरान सामाजिक न्याय, सामाजिक समरसता, शिक्षा, विकास और सुशासन को पार्टी के जनसंपर्क अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाने पर चर्चा हुई। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शिक्षा और समावेशी विकास के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख किया गया।
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संचालित साइकिल योजना जैसी पहलों के माध्यम से शिक्षा तक पहुंच और समान अवसरों के महत्व पर जोर दिया गया। बिहार में लागू शराबबंदी के सामाजिक संदेश को उत्तर प्रदेश के लोगों तक पहुंचाने और इस विषय पर जनजागरूकता बढ़ाने की बात भी कही गई।
विधानसभा चुनाव में भूमिका पर मंथन
बैठक में उत्तर प्रदेश में जदयू की संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने, कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के साथ समन्वय बनाए रखने पर विचार-विमर्श हुआ। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश में पार्टी की संभावित भूमिका और संगठनात्मक तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने वाराणसी समेत प्रदेश में संगठन की उपस्थिति बढ़ाने और जनसंपर्क को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। सेंट्रल जेल तिराहा स्थित फूलवरिया रोड के जिला कार्यालय को संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय का केंद्र बनाने पर भी चर्चा हुई।
प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सुशील कश्यप, शालिनी सिंह पटेल, जिलाध्यक्ष ब्रह्मचारी पटेल, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डॉ. श्वेतांक मिश्र सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर एक नवंबर के सम्मेलन को सफल बनाने का आह्वान किया।