वाराणसी। जयापुर की बेटी और बहुओं के लिए राहत वाली खबर है। इस गांव के हर घर में अब टॉयलेट होगा। आराजीलाइन ब्लाक का यह गांव स्वच्छता का ‘मॉडल विलेज’ बनेगा। इस गांव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिया है।
मोदी के इस आदर्श गांव के लोग ऊर्जा संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा का अधिकाधिक प्रयोग करेंगे। इसकी तैयारी चल रही है। गांव के एकमात्र प्राथमिक विद्यालय सहित 16 सार्वजनिक स्थानों पर बायो टॉयलेट बनाए जा रहे हैं। इस महीने के अंत तक ये बनकर तैयार हो जाएंगे। इसी के साथ गांव के 450 से अधिक घरों में टॉयलेट बनाने का काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सात नवंबर 2014 को जयापुर गांव को गोद लिया था।
उस दिन तक गांव में एक भी टॉयलेट नहीं था। गांव के लोग शौच के लिए खेत में जाते थे। पीएम ने गांव को गोद लेने के साथ ही पहला काम स्वच्छता अभियान के तहत गांव के हरेक घर में टॉयलेट बनवाने का किया। गुजरात की एक निजी संस्था की मदद से यहां टॉयलेट बनवाए जा रहे हैं।
गांव को जगमग करने का काम भी तेजी से चल रहा है। सौर ऊर्जा से रोशन होने वाला जयापुर प्रदेश का पहला गांव होगा। अब तक सौ से अधिक सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और गलियों में सोलर लाइट्स लगाई जा चुकी हैं। नेडा के सहयोग से घरों में भी सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस सोलर पैनल की कीमत बाजार में 50 हजार रुपये के आसपास है मगर ग्रामीणों में यह महज पांच हजार रुपये में उपलब्ध होगा। शेष पैसा केंद्र सरकार देगी।